टोक्यो : भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पी.वी. सिंधू ने एक बार फिर अपने दमदार प्रदर्शन से भारतीय खेल प्रेमियों का दिल जीत लिया है। सिंधू ने Japan Open 2026 के फाइनल में जगह बनाकर लगभग दो साल बाद किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट के खिताबी मुकाबले में प्रवेश किया है।
सेमीफाइनल में उनका मुकाबला टोक्यो ओलंपिक विजेता और विश्व नंबर-4 चीन की चेन युफेई से था। सिंधू ने शानदार खेल दिखाते हुए पहला गेम 21-19 से जीता और दूसरे गेम में 15-10 की बढ़त बना ली थी। इसी दौरान चेन युफेई को हैमस्ट्रिंग में चोट लग गई और उन्हें मैच बीच में ही छोड़ना पड़ा। इसके साथ ही सिंधू को फाइनल का टिकट मिल गया। यह उपलब्धि सिंधू के लिए खास इसलिए भी है क्योंकि 2024 के सैयद मोदी इंटरनेशनल के बाद वह पहली बार किसी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंची हैं। 2022 में सिंगापुर ओपन सुपर 500 जीतने के बाद से वह बड़े खिताब की तलाश में थीं।
फाइनल में सिंधू का सामना जापान की अकाने यामागुची और इंडोनेशिया की पुत्री कुसूमा वारदानी के बीच होने वाले मुकाबले की विजेता से होगा। रविवार को होने वाला यह मुकाबला भारतीय बैडमिंटन के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। मैच के दौरान सिंधू ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। उन्होंने पहले गेम में 11-7 की बढ़त बनाई, हालांकि चेन ने वापसी करते हुए स्कोर 18-18 कर दिया। दबाव के बावजूद सिंधू ने संयम बनाए रखा और पहला गेम अपने नाम कर लिया। दूसरे गेम में भी उन्होंने बढ़त कायम रखी और जीत की ओर बढ़ रही थीं, तभी चेन को चोट के कारण रिटायर होना पड़ा। अगर सिंधू फाइनल जीतने में सफल रहती हैं, तो यह सिर्फ उनके लिए नहीं बल्कि भारतीय बैडमिंटन के लिए भी एक यादगार पल होगा। अब पूरे देश की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या सिंधू दो साल के खिताबी इंतजार को खत्म कर नया इतिहास रच पाएंगी।


