लातूर : मराठवाड़ा में सूखे की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। किसानों की परेशानी और फसलों को हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस खुद लातूर के खेतों तक पहुंचे। उन्होंने किसानों से सीधे बातचीत की और खेतों में पहुंचकर नुकसान का जायजा लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने किसानों को भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में सरकार उनके साथ खड़ी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नियम और कानून के अनुसार प्रशासन को नुकसान के पंचनामे करने ही होंगे, लेकिन किसानों को मदद देते समय मदद सभी प्रभावित किसानों को दी जाएगी। सूखा राहत के लिए सरकार की ओर से निधि की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी, ऐसा भरोसा भी उन्होंने दिया।
लातूर और धाराशिव में बारिश की कमी से फसलें बर्बाद
लातूर और धाराशिव जिलों में इस साल करीब 50 प्रतिशत ही बारिश हुई है। बारिश की कमी का सबसे ज्यादा असर खरीफ फसलों पर पड़ा है। सोयाबीन समेत कई फसलें खेतों में ही सूख गई हैं। पानी की कमी के कारण जलाशयों में भी पानी घट गया है। ऐसे में पीने के पानी के साथ ही पशुओं के चारे का संकट भी किसानों के सामने खड़ा हो गया है। किसानों की समस्याएं सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि सुपर अल नीनो के कारण स्थिति और मुश्किल हुई है, लेकिन राज्य सरकार हर संभव संसाधन के साथ किसानों के साथ खड़ी है।
शनिवार से पहले जारी होगा सूखे का GR
किसानों की मांगों को देखते हुए प्रशासनिक प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि शनिवार से पहले सूखे को लेकर शासन निर्णय (GR) जारी किया जाएगा। प्रभावित किसानों को सीधे आर्थिक मदद देने के साथ ही पीने के पानी और पशुओं के चारे की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा आगामी रबी सीजन के लिए बीज और खाद की व्यवस्था करने का भी भरोसा मुख्यमंत्री ने दिया।
केंद्र के पैसे का इंतजार नहीं करेगी सरकार
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसानों को मदद देने के लिए केंद्र से मिलने वाले फंड का इंतजार नहीं किया जाएगा। NDRF के नियमों के अनुसार केंद्र सरकार से सहायता मांगी जाएगी, लेकिन तब तक किसानों को इंतजार नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपने खजाने से किसानों को तत्काल मदद उपलब्ध कराएगी। सूखे की मार झेल रहे किसानों के लिए मुख्यमंत्री का यह भरोसा राहत की उम्मीद लेकर आया है। अब किसानों की नजर सरकार की घोषित मदद जमीन तक पहुंचने पर है।


