अयोध्या के रामजन्मभूमि परिसर में शुक्रवार दोपहर अचानक गैस की तेज गंध फैलने से कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए रामलला समेत परिसर के अन्य मंदिरों में दर्शन करीब 45 मिनट तक रोक दिए गए। हालांकि, इस घटना में किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है।
मिली जानकारी के मुताबिक, दोपहर करीब 1 बजे मंदिर परिसर के आसपास गैस की तेज गंध महसूस हुई। सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत इसकी जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि कुबेर टीला की ओर जाने वाले मार्ग के पास जेसीबी से चल रही खुदाई के दौरान पीएनजी गैस पाइपलाइन टूट गई थी। यह पाइपलाइन ग्रीन गैस लिमिटेड की है। इसी पाइपलाइन के जरिए राम मंदिर की ‘सीता रसोई’ में रामलला के प्रसाद की तैयारी के लिए पीएनजी की आपूर्ति की जाती है। गैस रिसाव की जानकारी मिलते ही प्रशासन ने एहतियात के तौर पर दर्शन कुछ समय के लिए रोक दिए और ग्रीन गैस लिमिटेड को सूचना दी। कंपनी के तकनीशियन मौके पर पहुंचे और पाइपलाइन की मरम्मत शुरू की। करीब आधे घंटे के मरम्मत कार्य के बाद गैस रिसाव पूरी तरह रोक दिया गया।
ट्रस्ट के सुरक्षा प्रभारी कैप्टन के.के. तिवारी के अनुसार, करीब 1:30 बजे गैस रिसाव बंद होने के बाद श्रद्धालुओं के लिए दर्शन दोबारा शुरू कर दिए गए। यानी कुछ समय के लिए दर्शन जरूर रुके, लेकिन स्थिति को जल्द ही नियंत्रण में ले लिया गया। इस घटना के दौरान किसी के घायल होने या किसी तरह की संपत्ति के नुकसान की जानकारी सामने नहीं आई है। सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए दर्शन रोकने का फैसला लिया गया था।


