अहिल्यानगर : रक्षाबंधन भाई-बहन के पवित्र रिश्ते और पारिवारिक भावनाओं से जुड़ा महत्वपूर्ण त्योहार है। ऐसे में बैंक कर्मचारियों को भी अपने परिवार के साथ रक्षाबंधन मनाने का अवसर मिले, इसके लिए 28 अगस्त 2026 को महाराष्ट्र की सभी बैंकों में सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग की गई है। महाराष्ट्र प्रदेश बैंक वर्कर्स ऑर्गनाइजेशन ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से यह मांग की है। संगठन के अध्यक्ष गौतम कुलकर्णी और सरचिटणीस (महासचिव) प्रकाश नाहार ने 19 अगस्त 2026 को मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर यह मांग रखी। यह संगठन एन.ओ.बी.डब्ल्यू. और भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध है।
परिवार के साथ त्योहार मनाने का हक
संगठन ने अपने ज्ञापन में कहा है कि रक्षाबंधन के दिन बैंक खुले रहने के कारण कई कर्मचारियों को अपने परिवार के साथ यह त्योहार मनाने में परेशानी होती है। खासकर महिला बैंक कर्मचारियों की संख्या बड़ी होने के कारण उनके सामने पारिवारिक परंपराओं को निभाने में समय की समस्या आती है।
रक्षाबंधन भारतीय संस्कृति में भाई-बहन के स्नेह का प्रतीक है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनके सुखी और दीर्घायु जीवन की कामना करती हैं। ऐसे भावनात्मक त्योहार पर बैंक कर्मचारियों को भी परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलना चाहिए, ऐसा संगठन का कहना है।
छत्तीसगढ़ की तर्ज पर महाराष्ट्र में भी फैसला
महाराष्ट्र प्रदेश बैंक वर्कर्स ऑर्गनाइजेशन ने छत्तीसगढ़ सरकार के फैसले का हवाला देते हुए महाराष्ट्र में भी रक्षाबंधन पर बैंक अवकाश घोषित करने की मांग की है। संगठन के मुताबिक, छत्तीसगढ़ में रक्षाबंधन के अवसर पर ‘निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881’ के तहत बैंक अवकाश घोषित किया गया है। इसी तर्ज पर महाराष्ट्र सरकार से 28 अगस्त 2026 को राज्य की सभी बैंकों के लिए सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग की गई है।
संगठन का कहना है कि महाराष्ट्र सांस्कृतिक परंपराओं और पारिवारिक मूल्यों का सम्मान करने वाला राज्य है। ऐसे में रक्षाबंधन पर बैंक कर्मचारियों को छुट्टी मिलने से राज्य के हजारों कर्मचारी अपने परिवार के साथ यह त्योहार खुशी और सुकून से मना सकेंगे। महाराष्ट्र प्रदेश बैंक वर्कर्स ऑर्गनाइजेशन ने राज्य सरकार से इस मांग पर सहानुभूतिपूर्वक और तत्काल विचार कर उचित निर्णय लेने की अपेक्षा जताई है।


