नई दिल्ली : देश के भविष्य की तस्वीर युवाओं की ऊर्जा, सोच और संकल्प से ही तैयार होती है। भारत को एक मजबूत और विकसित राष्ट्र बनाने में युवाओं की भूमिका को अहम बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि युवा सरकार की नीतियों के केंद्र में हैं। युवाओं की क्षमता और दृढ़ संकल्प का उपयोग देश को आगे बढ़ाने के लिए किया जाना चाहिए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में चिन्मय अमृत महोत्सव वैश्विक सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक परंपरा और युवा शक्ति के महत्व पर प्रकाश डाला।
युवाओं की ऊर्जा से जागृत होगा नया भारत
पीएम मोदी ने कहा कि भारत के युवा देश को जागृत करने और आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनकी ऊर्जा और दृढ़ निश्चय से राष्ट्र निर्माण को नई दिशा मिल सकती है। उन्होंने नए भारत की सोच के अनुरूप नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लाने की बात भी कही। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के युवाओं को अपनी क्षमता पहचानते हुए भारत को मजबूत बनाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ना चाहिए। युवाओं की भागीदारी और उनके विचार देश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
चिन्मय अमृत महोत्सव भारतीय संस्कृति और ज्ञान का संगम
चिन्मय अमृत महोत्सव को लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह उनके लिए भावनात्मक अनुभव है। उन्होंने चिन्मय संस्था को केवल एक संगठन नहीं, बल्कि एक विचार और संकल्प बताया, जिसकी यात्रा कई दशकों से जारी है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन संत चिन्मयजी के आध्यात्मिक योगदान, स्वतंत्रता के अमृत महोत्सव और भारतीय संस्कृति के गौरव का अद्भुत संगम है। यह भारत की शाश्वत चेतना, ज्ञान और आधुनिक प्रगति का प्रतीक है।
गीता और वेदांत का ज्ञान जन-जन तक पहुंचे
प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं के महत्व को रेखांकित करते हुए भारत को संस्कृति की जन्मभूमि बताया। उन्होंने भगवद्गीता और वेदांत के ज्ञान को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया। पीएम मोदी के अनुसार, भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक ज्ञान देश की पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाना और इनके विचारों को जीवन में अपनाना समय की जरूरत है।
बता दें कि चिन्मय अमृत महोत्सव का तीन दिवसीय सम्मेलन 23 से 25 अक्टूबर 2026 तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित किया जा रहा है। इस आयोजन के माध्यम से भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक ज्ञान और राष्ट्र निर्माण के विचारों को एक मंच पर लाने का प्रयास किया जा रहा है।


