न्यूयॉर्क : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत इन दिनों अमेरिका के दौरे पर हैं। संघ के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय संपर्क कार्यक्रम के तहत उनका यह दौरा हो रहा है। अमेरिका के बाद मोहन भागवत कनाडा और ब्रिटेन भी जाएंगे। इसी बीच न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने उनके कार्यक्रम को लेकर अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ममदानी से पूछा गया कि क्या मोहन भागवत का मैडिसन स्क्वेयर गार्डन में होने वाला कार्यक्रम रद्द किया जाना चाहिए। इस पर ममदानी ने कहा कि वह इस रैली का समर्थन नहीं करते। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि किसी निजी कार्यक्रम को रद्द करने का अधिकार उनके पास है या नहीं, यह उन्हें स्पष्ट रूप से पता नहीं है।
ममदानी ने भारत से जुड़ा अपना अनुभव भी बताया
ममदानी ने कहा कि किसी भी देश में बहिष्कार और भेदभाव पर आधारित आंदोलनों का उभरना चिंता की बात है। उन्होंने कहा कि न्यूयॉर्क ऐसा शहर है, जहां हर धर्म, नस्ल और जाति के लोगों के अस्तित्व और अधिकारों का सम्मान किया जाना चाहिए। अपने भारतीय मूल का जिक्र करते हुए ममदानी ने कहा कि वह न्यूयॉर्क शहर के इतिहास में पहले भारतीय-अमेरिकी मेयर हैं। उन्होंने बताया कि उनकी मां का पूरा परिवार आज भी भारत में रहता है। उनके मुताबिक, उनके परिवार ने उन्हें जिस भारत के बारे में बताया और जिसे उन्होंने बचपन से देखा, वह एक धर्मनिरपेक्ष गणराज्य था, जो हर भारतीय नागरिक की भागीदारी में विश्वास करता था।
5 हजार भारतीय प्रवासियों को संबोधित करेंगे भागवत
मोहन भागवत न्यूयॉर्क के प्रसिद्ध मैडिसन स्क्वेयर गार्डन में आयोजित होने वाले ‘यूनिवर्सल वननेस’ कार्यक्रम में करीब 5 हजार भारतीय प्रवासियों को संबोधित करेंगे। यह कार्यक्रम RSS के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर चलाए जा रहे वैश्विक संपर्क अभियान का हिस्सा है। मोहन भागवत के अमेरिका दौरे के दौरान कई कार्यक्रम निर्धारित हैं। न्यूयॉर्क में होने वाले ‘यूनिवर्सल वननेस’ कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा जारी है। इसी बीच मेयर जोहरान ममदानी के बयान ने इस कार्यक्रम को लेकर लोगों का ध्यान आकर्षित किया है।


