मुंबई : गुजरात में चांदीपुरा वायरस के संक्रमण को लेकर चिंता बढ़ने के बीच मुंबई महानगरपालिका भी सतर्क हो गई है। मुंबई में फिलहाल चांदीपुरा वायरस का कोई मरीज सामने नहीं आया है। हालांकि, संभावित खतरे को देखते हुए BMC के स्वास्थ्य विभाग ने पहले से ही तैयारियां शुरू कर दी हैं। संदिग्ध मरीज मिलने पर उसे तुरंत उपचार और निगरानी में रखा जा सके, इसके लिए कस्तूरबा अस्पताल में 10 बेड का अलग आइसोलेशन वार्ड तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
इस विशेष कक्ष में संदिग्ध मरीजों को अन्य मरीजों से अलग रखकर उपचार दिया जाएगा। इसके लिए जरूरी दवाइयों, मेडिकल उपकरणों और पर्याप्त स्वास्थ्य कर्मचारियों की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही संबंधित स्वास्थ्यकर्मियों को चांदीपुरा वायरस से जुड़े मामलों की पहचान और मरीजों की देखभाल के लिए आवश्यक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
समय पर जांच और इलाज पर जोर
BMC की ओर से संभावित मरीज सामने आने की स्थिति में उसकी पहचान, जांच और उपचार जल्द शुरू करने के लिए आवश्यक कार्यप्रणाली तैयार की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग राज्य और केंद्र सरकार के साथ-साथ राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र, अस्पतालों और प्रयोगशालाओं के संपर्क में रहकर स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
नागरिकों में जागरूकता जरूरी
सिर्फ अस्पतालों में व्यवस्था करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि नागरिकों को भी चांदीपुरा वायरस के लक्षण और बचाव के उपायों की जानकारी देना जरूरी है। विपक्ष की नेता किशोरी पेडणेकर ने भी मुंबई में जनजागरूकता अभियान चलाने की जरूरत पर जोर दिया है। मुंबई में अभी तक चांदीपुरा वायरस का कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन गुजरात में संक्रमण की स्थिति को देखते हुए BMC ने एहतियात के तौर पर तैयारी तेज कर दी है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की यह तैयारी संभावित खतरे की स्थिति में मरीजों को समय पर इलाज उपलब्ध कराने में अहम साबित हो सकती है।


