मुंबई : मुंबई महानगरपालिका में इंजीनियरों के तबादलों को लेकर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल होने जा रहा है। महानगरपालिका ने इंजीनियरों के तबादलों के लिए ऑनलाइन ‘Employee Transfer System Based on Randomization’ प्रणाली का इस्तेमाल शुरू किया है। इस प्रक्रिया के तहत एक ही विभाग या पद पर लंबे समय से काम कर रहे करीब 800 जूनियर, डिप्टी और असिस्टेंट इंजीनियरों के तबादले किए जाएंगे।
महानगरपालिका के कुछ महत्वपूर्ण और संवेदनशील विभागों में कई इंजीनियर लंबे समय से एक ही जगह पर कार्यरत हैं। ऐसे में तबादला प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए प्रशासन ने कंप्यूटरीकृत रैंडमाइजेशन सिस्टम का सहारा लिया है। इस सिस्टम के जरिए तबादलों में मानवीय हस्तक्षेप को कम करने का प्रयास किया जा रहा है। इससे पहले महानगरपालिका में इंजीनियरों के तबादलों को लेकर राजनीतिक हस्तक्षेप और कथित आर्थिक अनियमितताओं के आरोप लगाए गए थे। अप्रैल 2026 में किए गए 122 इंजीनियरों के तबादले भी रद्द कर दिए गए थे। इसके बाद प्रशासन ने तबादला प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन प्रणाली अपनाई है।
नई प्रक्रिया के तहत 5 सितंबर से 20 सितंबर 2026 तक संबंधित इंजीनियरों से ऑनलाइन पसंदक्रम मांगा गया था। 18 सितंबर तक करीब 494 आवेदन प्राप्त होने की जानकारी सामने आई है। आवेदनों की जांच और आगे की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 1 अक्टूबर से 15 अक्टूबर 2026 के बीच तबादला आदेश जारी किए जाएंगे।
किस इंजीनियर का तबादला कहां होगा?
रैंडमाइजेशन सिस्टम के जरिए अब किस इंजीनियर को किस विभाग में भेजा जाएगा, इस पर महानगरपालिका से जुड़े लोगों की नजर है। खासकर लंबे समय से एक ही विभाग में काम कर रहे इंजीनियरों के तबादले से विभिन्न इंजीनियरिंग विभागों में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। करीब 800 इंजीनियरों की तबादला प्रक्रिया पूरी होने के बाद महानगरपालिका के अलग-अलग विभागों की कार्यप्रणाली में भी बदलाव की संभावना है। ऐसे में यह प्रक्रिया महानगरपालिका प्रशासन के साथ-साथ संबंधित इंजीनियरों के लिए भी काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।


