बुलढाणा जिले के नांदुरा से एक राहत भरी खबर सामने आई है। महावितरण की बिजली लाइनों, खंभों, ट्रांसफॉर्मर या अन्य विद्युत उपकरणों के कारण हुए हादसे में पशुधन की मौत होने पर अब किसानों और पशुपालकों को पहले की तुलना में ज्यादा मुआवजा मिलेगा। नए निर्णय के अनुसार गाय, भैंस, बैल, घोड़ा और गधे जैसे बड़े पशुओं की बिजली हादसे में मौत होने पर 50 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी। वहीं, बकरी, भेड़ और बछड़े की मौत पर 5 हजार रुपये का मुआवजा मिलेगा।
किसानों के लिए पशुधन सिर्फ एक जानवर नहीं, बल्कि उनकी आय का अहम साधन होता है। ऐसे में बिजली हादसे में पशु की मौत होने पर परिवार पर अचानक आर्थिक बोझ आ जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए महावितरण ने मुआवजे की राशि में कई गुना बढ़ोतरी की है। खास बात यह है कि पुराने मुआवजा दरों में करीब 18 साल बाद बदलाव किया गया है।
किन मामलों में मिलेगा मुआवजा?
यह सहायता केवल उन मामलों में लागू होगी, जिनमें महावितरण की बिजली लाइन, विद्युत खंभे, ट्रांसफॉर्मर या अन्य विद्युत उपकरणों के कारण पशुधन की मौत हुई हो। अन्य कारणों से हुई पशु मृत्यु पर यह मुआवजा लागू नहीं होगा।
मुआवजे के लिए क्या करना होगा?
बिजली हादसे में पशुधन की मौत होने पर किसान या पशुपालक को तुरंत महावितरण के स्थानीय कार्यालय को इसकी जानकारी देनी होगी। इसके बाद आवश्यक कागदपत्रों के साथ प्रस्ताव जमा करना होगा। इसमें पशुवैद्यकीय अहवाल, पंचनामा और महावितरणकडून मागितलेली इतर कागदपत्रे सादर करावी लागतील. प्रक्रिया पहले की तरह ही रखी गई है, सिर्फ मुआवजे की राशि में बदलाव किया गया है। बढ़ती महंगाई और पशुपालन से जुड़े खर्च को देखते हुए यह फैसला किसानों और पशुपालकों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लंबे समय बाद मुआवजे की राशि बढ़ने से बिजली हादसों में पशुधन गंवाने वाले परिवारों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।


