चंद्रपुर : चंद्रपुर के पत्रकार जितेंद्र मशारकर ने अपने स्वर्गीय पुत्र कुशल की जयंती पर 77वां रक्तदान कर एक बार फिर समाज के सामने प्रेरणादायी उदाहरण पेश किया है। कई वर्ष पहले उन्होंने बेटे के जन्मदिन पर हर साल रक्तदान करने का संकल्प लिया था और आज भी उसी निष्ठा के साथ उसे निभा रहे हैं।
वर्ष 2022 में पुत्र कुशल के निधन के बाद भी उन्होंने अपना यह संकल्प नहीं छोड़ा। निजी दुख पर मात कर उन्होंने रक्तदान की परंपरा जारी रखी और इसे समाजसेवा का माध्यम बना दिया। उनके इस कदम से चंद्रपुर में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ी है और कई युवा रक्तदान के लिए प्रेरित हुए हैं। 77वें रक्तदान के अवसर पर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के रक्त केंद्र की ओर से उनका सम्मान किया गया। डॉक्टरों और स्वास्थ्य अधिकारियों ने उनके योगदान की सराहना करते हुए कहा कि रक्तदान अभियान में उनका कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इस अवसर पर रक्त संक्रमण अधिकारी डॉ. स्वाती देरकर, कनिष्ठ निवासी डॉक्टर डॉ. कोमल झटाले और डॉ. राहुल मडावी सहित कई अधिकारी एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सामाजिक कार्यकर्ता किसन नागरकर ने भी उन्हें शुभकामनाएं दीं। जितेंद्र मशारकर का यह सफर समाज को यह संदेश देता है कि कठिन परिस्थितियों में भी समाजहित का कार्य निरंतर किया जा सकता है। उनके रक्तदान से कई मरीजों को जीवनदान मिला है और लोगों में रक्तदान के प्रति सकारात्मक सोच विकसित हुई है।


