मुंबई : महाराष्ट्र में NEET और TET जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों को लेकर विधानसभा में सोमवार को जोरदार हंगामा देखने को मिला। कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बार-बार हो रही पेपर लीक की घटनाओं से पूरे देश में महाराष्ट्र की छवि खराब हो रही है और लाखों विद्यार्थियों व शिक्षकों का भविष्य दांव पर लग गया है।
विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने इस मुद्दे पर चर्चा की मांग की। इस दौरान वडेट्टीवार ने कहा कि छात्र-छात्राएं वर्षों तक मेहनत करके प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाएं उनकी मेहनत पर पानी फेर रही हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार अब तक परीक्षाओं को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित तरीके से आयोजित करने में क्यों सफल नहीं हो पाई।
वडेट्टीवार ने TET पेपर लीक मामले की गहराई से जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि केवल गिरफ्तार आरोपियों तक सीमित रहने के बजाय पेपर तैयार करने वाली संस्थाओं, संबंधित कंपनियों और पूरे नेटवर्क की जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मामले में दूसरे राज्यों से जुड़े तार भी सामने आ रहे हैं, इसलिए पूरे रैकेट का खुलासा होना जरूरी है।उन्होंने 2018 के TET घोटाले का भी उल्लेख करते हुए सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि इस पूरे मामले में सामने आए तथ्यों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
वडेट्टीवार ने सरकार से मांग की कि विद्यार्थियों और शिक्षकों के भविष्य से जुड़े इस गंभीर मुद्दे पर सदन में विस्तृत चर्चा कराई जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। इस बीच, विपक्ष का आरोप रहा कि सरकार की ओर से इस मामले पर संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया और विपक्ष को अपनी बात रखने का पूरा अवसर भी नहीं मिला। इसके विरोध में महाविकास आघाड़ी के विधायकों ने सदन से बहिर्गमन किया।


