नागपुर : बेलतरोड़ी इलाके में फूड डिलिव्हरी बॉय बनकर एक बुजुर्ग महिला के घर में घुसकर लूट की कोशिश का मामला सामने आया है। आरोप है कि दो युवकों ने डिलिव्हरी का बहाना बनाकर घर का दरवाजा खुलवाया और अंदर पहुंचने के बाद महिला को चाकू दिखाकर धमकाया। इसी दौरान महिला के शोर मचाने पर परिवार के लोग और आसपास के नागरिक जमा हो गए। एक आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले किया गया, लेकिन बाद में उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। दूसरे आरोपी के फरार होने की जानकारी है।
मामला बेलतरोड़ी थाना क्षेत्र की पृथ्वीराज सोसायटी का है। जानकारी के मुताबिक, नरसाळा निवासी 28 वर्षीय सुमेध राजेंद्र गजभिये अपने साथी दीपक पाटील के साथ दोपहिया वाहन से वहां पहुंचा था। दोनों ने खुद को फूड डिलिव्हरी बॉय बताया और डिलिव्हरी का पार्सल लेकर 61 वर्षीय उषा देविदास धार्मिक के घर पहुंचे। बताया जा रहा है कि दोनों ने पार्सल देने के बहाने दरवाजा खुलवाया और घर के अंदर प्रवेश किया। इसके बाद उषा धार्मिक को चाकू दिखाकर धमकाया गया और उनके गले में पहनी करीब डेढ़ तोले की सोने की चेन छीनने की कोशिश की गई। अचानक हुई इस घटना से घबराई महिला ने शोर मचाना शुरू कर दिया।
महिला की आवाज सुनकर उनकी बहू प्रणाली भी हॉल में पहुंची। आरोप है कि आरोपी ने उससे भी नकदी और आभूषण की मांग की। स्थिति को भांपते हुए प्रणाली दूसरे कमरे में गई और अंदर से दरवाजा बंद कर परिवार को फोन कर दिया। कुछ ही देर में आसपास के लोग भी वहां जमा हो गए। इसके बाद नागरिकों ने सुमेध को पकड़ लिया। इस दौरान उसके साथ मारपीट किए जाने की चर्चा है। उसके साथी दीपक पाटील को भी लोगों ने घेरने की जानकारी सामने आई है। सूचना मिलते ही बेलतरोड़ी पुलिस मौके पर पहुंची और सुमेध को हिरासत में लिया। पुलिस की शुरुआती पूछताछ में सुमेध ने लूट की कोशिश की बात स्वीकार की होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, लूट के बाद सामान अपने साथी को देने की योजना थी। इसके बाद सुमेध को मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया।
हालांकि, मेडिकल जांच के दौरान सुमेध अचानक बेहोश हो गया। उसे डॉक्टरों के पास ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद उसकी मौत को लेकर कई सवाल खड़े हो गए। इलाके में चर्चा शुरू हुई कि नागरिकों की कथित पिटाई के कारण उसकी तबीयत बिगड़ी होगी। हालांकि, पुलिस ने मारपीट के आरोप को स्पष्ट रूप से खारिज किया है। जोन-4 की पुलिस उपायुक्त रश्मिता राव के मुताबिक, सुमेध को पुलिस ने हिरासत में लिया, उस समय उसके शरीर पर कोई स्पष्ट चोट दिखाई नहीं दे रही थी। पुलिस ने मारपीट के ठोस सबूत मिलने की बात भी नहीं कही है।
फिलहाल बेलतरोड़ी पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सुमेध की मौत की असली वजह क्या थी, कथित मारपीट का उससे कोई संबंध है या फिर किसी अन्य कारण से उसकी तबीयत बिगड़ी, इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों की जानकारी भी जुटा रही है। पोस्टमार्टम और मेडिकल रिपोर्ट सामने आने के बाद ही मौत की सही वजह स्पष्ट हो पाएगी।


