मुंबई : बाजार से पैक बंद खाना या ड्रिंक खरीदते समय हम अक्सर पैकेट पर लिखी पोषण संबंधी जानकारी देखते हैं। लेकिन कई बार इतनी सारी जानकारी के बीच यह समझना मुश्किल हो जाता है कि आखिर उस प्रोडक्ट में चीनी, नमक या फैट कितना ज्यादा है। अब इसी परेशानी को आसान करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा सकता है।
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने पैकेज्ड फूड और ड्रिंक्स में चीनी, नमक या फैट की मात्रा ज्यादा होने पर पैकेट के सामने लाल षटकोण (Red Hexagon) चेतावनी चिन्ह लगाने का प्रस्ताव दिया है।
पैकेट पर साफ लिखा होगा ‘HIGH’
प्रस्तावित नियमों के तहत जिन खाद्य पदार्थों में इन पोषक तत्वों की मात्रा तय सीमा से ज्यादा होगी, उनके पैकेट पर ‘HIGH SUGAR’, ‘HIGH SALT’ या ‘HIGH FAT’ जैसी स्पष्ट चेतावनी दी जा सकती है। खास बात यह है कि यह जानकारी सामान्य न्यूट्रिशन टेबल की तुलना में बड़े अक्षरों में और आसानी से नजर आने वाले तरीके से प्रदर्शित करने का प्रस्ताव है। इससे ग्राहक को खरीदारी के समय ही पता चल सकेगा कि वह जो चीज लेने जा रहा है, उसमें चीनी, नमक या फैट की मात्रा ज्यादा है या नहीं।
सुप्रीम कोर्ट में भी पहुंचा मामला
पैकेज्ड खाद्य पदार्थों पर फ्रंट-ऑफ-पैक चेतावनी लेबल अनिवार्य करने की मांग को लेकर ‘3S And Our Health Society’ ने जनहित याचिका दायर की है। 13 अगस्त को हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने FSSAI को इस मामले में जल्द उचित फैसला लेने के निर्देश दिए थे। इसके बाद FSSAI ने अदालत में दाखिल अनुपालन हलफनामे में इस प्रस्ताव की जानकारी दी।
हर पैकेट पर नहीं लगेगा लाल निशान
इस प्रस्ताव की एक खास बात यह भी है कि हर खाद्य पदार्थ पर यह चेतावनी लागू नहीं होगी। घी, खाद्य तेल, नमक, चीनी, गुड़ और शहद जैसे एक ही मुख्य सामग्री से बने आवश्यक खाद्य पदार्थों को फ्रंट-ऑफ-पैक चेतावनी से बाहर रखने का प्रस्ताव है।
ग्राहकों को क्या फायदा होगा ?
अगर ये नियम लागू होते हैं, तो ग्राहकों के लिए पैकेज्ड फूड खरीदना पहले के मुकाबले आसान हो सकता है। पैकेट के पीछे लिखी लंबी पोषण संबंधी जानकारी पढ़ने के बजाय सामने दिखाई देने वाले लाल चेतावनी चिन्ह से ग्राहक को तुरंत अंदाजा लग सकेगा कि किसी प्रोडक्ट में चीनी, नमक या फैट ज्यादा है। यानी बाजार में अगली बार पैकेज्ड फूड खरीदते समय सिर्फ ब्रांड और स्वाद ही नहीं, बल्कि पैकेट पर दिखने वाला लाल अलर्ट भी खरीदारी के फैसले में अहम भूमिका निभा सकता है।


