पुणे में बनेगी नई MIDC! पवन मावल के 3 गांवों में 1100 एकड़ जमीन पर औद्योगिक क्षेत्र का प्रस्ताव

चाकण का बढ़ता दबाव होगा कम? जमीन की माप पूरी, अब सरकार की मंजूरी का इंतजार

पुणे  : चाकण औद्योगिक क्षेत्र में लगातार बढ़ते उद्योगों और ट्रैफिक के दबाव को कम करने के लिए पवन मावल में एक नए औद्योगिक क्षेत्र की तैयारी शुरू हो गई है। बऊर, करुंज और ब्राह्मणवाड़ी इन तीन गांवों में करीब 1100 एकड़ जमीन पर नई MIDC विकसित करने का प्रस्ताव है। खास बात यह है कि प्रस्तावित जमीन का प्राथमिक सर्वेक्षण और माप की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अब जमीन के दाम तय करने के लिए सरकार की मंजूरी का इंतजार है।

राज्य औद्योगिक विकास महामंडल (MIDC) की ओर से जमीन अधिग्रहण और दर निर्धारण का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा गया है। मंजूरी मिलने के बाद जमीन अधिग्रहण की अगली प्रक्रिया शुरू होगी।

तीन गांवों में इतनी जमीन प्रस्तावित

प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र के लिए बऊर में करीब 87 हेक्टेयर, करुंज में 135 हेक्टेयर और ब्राह्मणवाड़ी में 183 हेक्टेयर जमीन प्रस्तावित है। यानी तीनों गांवों को मिलाकर करीब 405 हेक्टेयर जमीन पर औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की योजना है। जमीन की माप पूरी होने के बाद अब सबसे अहम कदम जमीन के दाम तय करना है। शासन से मंजूरी मिलने के बाद संबंधित जमीन मालिकों से जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

चाकण की ट्रैफिक समस्या से राहत की उम्मीद

पिछले कुछ वर्षों में चाकण औद्योगिक क्षेत्र में बड़ी संख्या में नए उद्योग आए हैं। इसके साथ ही भारी वाहनों की आवाजाही, कर्मचारियों की रोजाना आवाजाही और औद्योगिक गतिविधियों के कारण ट्रैफिक की समस्या भी लगातार बढ़ी है। सड़क, पानी, बिजली और दूसरी बुनियादी सुविधाओं पर भी दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में उद्योगों के लिए नए विकल्प तलाशना जरूरी हो गया है। इसी वजह से पवन मावल के इन तीन गांवों को औद्योगिक विकास के लिए उपयुक्त माना जा रहा है। अगर यहां नई MIDC विकसित होती है तो चाकण में बढ़ने वाले उद्योगों का कुछ हिस्सा तलेगांव क्षेत्र की ओर आ सकता है। इससे चाकण पर बढ़ता औद्योगिक और यातायात का दबाव कुछ हद तक कम होने की उम्मीद है।

स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर

नई औद्योगिक वसाहत सिर्फ उद्योगों के लिए ही नहीं, बल्कि आसपास के गांवों के लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। नए उद्योग आने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर, छोटे कारोबार और सेवा क्षेत्र में काम बढ़ने की संभावना है। औद्योगिक क्षेत्र के आसपास होटल, परिवहन, मरम्मत सेवाएं, छोटे व्यवसाय और अन्य सहायक उद्योगों को भी इसका फायदा मिल सकता है। इससे स्थानीय स्तर पर निवेश को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

विकास के साथ इन चुनौतियों पर भी नजर

औद्योगिक विकास के साथ कुछ चुनौतियां भी सामने रहेंगी। जमीन अधिग्रहण के दौरान स्थानीय जमीन मालिकों के हितों का ध्यान रखना, पर्यावरण की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण होगा। नई MIDC विकसित होने से पहले सड़क, पानी, बिजली, जल निकासी और सार्वजनिक परिवहन जैसी सुविधाओं का पर्याप्त इंतजाम करना भी जरूरी होगा। अगर ये सुविधाएं समय पर तैयार होती हैं, तो प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र इस पूरे इलाके के विकास को नई दिशा दे सकता है।

अब सरकार की मंजूरी का इंतजार

तीनों गांवों में जमीन की माप और प्राथमिक सर्वेक्षण पूरा हो चुका है। अब दर निर्धारण के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने का इंतजार है। दर तय होने के बाद जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके बाद औद्योगिक क्षेत्र के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाओं का विकास किया जाएगा। पुणे-मुंबई एक्सप्रेसवे और प्रमुख राजमार्गों से कनेक्टिविटी को देखते हुए यह क्षेत्र उद्योगों के लिए आकर्षक साबित हो सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में सरकार की मंजूरी और जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पर सभी की नजर रहेगी।

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