पुणे : पुणे के लोगों को अब हर हफ्ते पानी की किल्लत का सामना करना पड़ सकता है। कम बारिश और आने वाले समय में पानी की कमी की आशंका को देखते हुए पुणे महानगरपालिका ने हर गुरुवार पूरे शहर में पानी की सप्लाई बंद रखने का फैसला लिया है। इस फैसले के बाद अब लोगों को अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए पानी का पहले से इंतजाम करना होगा। घर के कामकाज से लेकर पीने और खाना बनाने तक, हर जरूरत के लिए पानी का इस्तेमाल सोच-समझकर करना जरूरी होगा।
अगस्त 2027 तक पानी बचाने की तैयारी
पुणे को पानी की आपूर्ति करने वाली खडकवासला बांध श्रृंखला में फिलहाल 25.70 टीएमसी पानी उपलब्ध है। हालांकि, बारिश में आई कमी, पानी की बढ़ती मांग और अल नीनो के संभावित प्रभावों को देखते हुए महानगरपालिका ने पानी बचाने की योजना बनाई है। इसका उद्देश्य अगस्त 2027 तक उपलब्ध जल भंडार का बेहतर तरीके से प्रबंधन करना है। वहीं, राज्य सरकार ने भी 16 अक्टूबर से कम से कम 10 प्रतिशत पानी की खपत घटाने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में पानी की बर्बादी रोकने और उपलब्ध जल भंडार का सही इस्तेमाल करने पर जोर दिया जा रहा है।
गुरुवार को पानी नहीं, शुक्रवार को भी हो सकती है परेशानी
महानगरपालिका के फैसले के अनुसार, हर गुरुवार पूरे पुणे शहर में पानी की आपूर्ति बंद रहेगी। इसके अलावा शुक्रवार और शनिवार को भी कुछ इलाकों में पानी का दबाव कम रहने या आपूर्ति सामान्य होने में समय लगने की आशंका है। इसका असर घरों के साथ-साथ दुकानों, छोटे कारोबारों और रोजाना पानी पर निर्भर रहने वाले लोगों पर भी पड़ सकता है। इसलिए नागरिकों को गुरुवार से पहले पीने, खाना बनाने और अन्य जरूरी कामों के लिए पर्याप्त पानी जमा रखने की जरूरत होगी।
निर्माण कार्यों और वाहन धुलाई पर भी सख्ती
पानी बचाने के लिए महानगरपालिका ने निर्माण कार्यों में पीने के पानी के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही वाहन धुलाई केंद्रों पर भी पाबंदी लगाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का जोर पानी की बर्बादी रोकने पर है। ऐसे में नागरिकों से भी उम्मीद की जा रही है कि वे नल खुला न छोड़ें, जरूरत के मुताबिक ही पानी इस्तेमाल करें और जहां संभव हो, पानी का दोबारा उपयोग करें।
ग्रामीण इलाकों में टैंकर से पहुंच रहा पानी
पुणे शहर में पानी बचाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं, वहीं जिले के ग्रामीण इलाकों में भी पानी की समस्या सामने आ रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जिले के 5 गांवों और 53 वाड़ियों में 8 टैंकरों के जरिए पानी पहुंचाया जा रहा है। इससे करीब 18,650 नागरिकों को राहत मिल रही है। बारामती, दौंड और इंदापुर तालुकों में टैंकरों के माध्यम से पानी की आपूर्ति की जा रही है। इसके अलावा पानी की समस्या से निपटने के लिए जिले में 294 नई बोरवेल योजनाओं को भी मंजूरी दी गई है।
पानी बचाना अब हर नागरिक की जिम्मेदारी
पानी की कमी का असर सिर्फ प्रशासनिक व्यवस्था तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका सीधा असर आम लोगों की जिंदगी पर पड़ता है। ऐसे में हर घर में पानी का सही इस्तेमाल करना जरूरी हो गया है। नहाने, कपड़े धोने, बर्तन साफ करने और वाहन धोने जैसे कामों में पानी की बर्बादी रोककर काफी हद तक बचत की जा सकती है। फिलहाल पुणेकरों के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि पानी की सप्लाई बंद रहने वाले दिन को ध्यान में रखकर पहले से तैयारी करें और पानी का इस्तेमाल सावधानी से करें।


