नक्सलवाद ने उजाड़ा युवाओं का भविष्य, ‘मानसिक नक्सलवाद’ को खत्म किए बिना विकसित भारत संभव नहीं : PM मोदी

लाल किले से पीएम मोदी का बड़ा संदेश; चार दशक की हिंसा में हजारों सुरक्षाकर्मियों ने दी शहादत

नई दिल्ली :   स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नक्सलवाद और माओवाद के खिलाफ सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि सशस्त्र नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में देश को बड़ी सफलता मिली है, लेकिन अब समाज में हिंसा, अराजकता और गलत विचारों को बढ़ावा देने वाली प्रवृत्तियों को भी पहचानना जरूरी है।

प्रधानमंत्री ने ‘मानसिक नक्सलवाद’ का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे लोगों को पहचानकर समाज से अलग करना होगा। उन्होंने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए देश के युवाओं को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना बेहद जरूरी है।

चार दशक तक बंदूक के साये में रहा बड़ा हिस्सा

पीएम मोदी ने नक्सलवाद के दर्द को याद करते हुए कहा कि इस हिंसा ने करीब चार दशकों तक देश के बड़े हिस्से को बंदूक के डर में रखा। नक्सलवाद और माओवाद की वजह से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ। कई माताओं ने अपने बेटे खोए और अनेक परिवारों के सपने अधूरे रह गए। उन्होंने बताया कि देश की सुरक्षा करते हुए 3,500 से अधिक सुरक्षाकर्मी शहीद हुए। नक्सली हिंसा ने न केवल लोगों की जान ली, बल्कि संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के सामने भी गंभीर चुनौती खड़ी की।

2014 में लिया था नक्सलवाद मुक्त भारत का संकल्प

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वर्ष 2014 में सत्ता की जिम्मेदारी मिलने के बाद देश को नक्सलवाद के चंगुल से मुक्त कराने का संकल्प लिया गया था। आज नक्सली और माओवादी हिंसा की ताकत काफी कमजोर हुई है। जिन इलाकों की पहचान कभी हिंसा और खून-खराबे से होती थी, वहां अब विकास और प्रगति की तस्वीर दिखाई दे रही है। हालांकि, पीएम मोदी ने साफ किया कि खतरा पूरी तरह खत्म मानकर सतर्कता कम नहीं की जा सकती। सशस्त्र हिंसा के साथ-साथ समाज में अराजकता और हिंसक विचारों को बढ़ावा देने वाली प्रवृत्तियों का भी मुकाबला करना होगा।

सुरक्षित भारत के लिए सामूहिक जिम्मेदारी

प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी पूरा होगा, जब देश सुरक्षित होगा और युवा अपनी ऊर्जा राष्ट्र निर्माण में लगाएंगे। सीमा के बाहर से आने वाली चुनौती हो या देश के भीतर की कोई समस्या, भारत हर परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार है।  लाल किले से पीएम मोदी का संदेश साफ था—नक्सली हिंसा के खिलाफ लड़ाई के साथ-साथ उन विचारों से भी मुकाबला जरूरी है, जो युवाओं को विकास से दूर और हिंसा की ओर ले जाते हैं।

लोकतंत्र मिरर

लोकतंत्र मिरर जनता का भरोसेमंद न्यूज चैनल 📍 महाराष्ट्र | पूरे भारत की खबरें ⚡ राजनीति | व्यापार | मनोरंजन | खेल | ताजा अपडेट 📢 ब्रांड प्रमोशन/ विज्ञापन के लिए संपर्क करे: 📞 9545924968/7758043733

Related Posts

मंत्रालय में 550 कर्मचारियों पर गिरी गाज, मूल विभाग में भेजे गए अधिकारी-कर्मचारी

मुंबई : मंत्रालय और मंत्रियों के कार्यालयों में बिना तय प्रक्रिया के काम कर रहे करीब 550 अधिकारी और कर्मचारियों को अब उनके मूल विभाग में वापस भेज दिया गया…

3 महीने में 3 बड़े चक्रवातों का खतरा! 44 साल के औसत से ज्यादा रह सकती है ताकत

देश में कहीं बारिश की कमी किसानों की चिंता बढ़ा रही है, तो अब मौसम को लेकर एक और बड़ी आशंका सामने आई है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के…