अहिल्यानगर: मानसिक रूप से दिव्यांग युवती के साथ दुष्कर्म करने के मामले में अहिल्यानगर की विशेष अदालत ने आरोपी को कड़ी सजा सुनाई है। विशेष जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एम.एच. शेख ने आरोपी साहेबराव लक्ष्मण शिंदे (50) को प्राकृतिक मृत्यु तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा आरोपी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना नहीं भरने पर उसे एक माह की साधारण कैद भी भुगतनी होगी।
मामले के अनुसार, आरोपी ने पीड़िता की मानसिक स्थिति का फायदा उठाकर उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। इस दौरान युवती गर्भवती हो गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद 16 दिसंबर 2022 को पीड़िता की मां ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने 24 संदिग्धों समेत कई लोगों के रक्त नमूने एकत्र किए। फॉरेंसिक जांच में पीड़िता के बच्चे और आरोपी साहेबराव शिंदे का डीएनए मेल खाने की पुष्टि हुई। डीएनए रिपोर्ट इस मामले में सबसे अहम सबूत साबित हुई। इसके आधार पर पुलिस ने 27 दिसंबर 2022 को आरोपी को गिरफ्तार किया।
अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कुल 15 महत्वपूर्ण गवाह पेश किए। इनमें पीड़िता की मां, मेडिकल अधिकारी और जांच अधिकारियों की गवाही शामिल रही। वहीं फॉरेंसिक लैब की डीएनए रिपोर्ट ने आरोपी के खिलाफ मामला और मजबूत कर दिया। सरकार पक्ष की ओर से अतिरिक्त सरकारी अभियोक्ता जी.के. मुसळे ने पैरवी की। मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने आरोपी को शेष जीवन जेल में बिताने का आदेश दिया। साथ ही जुर्माने की 50 हजार रुपये की राशि पीड़िता को देने और उसके पुनर्वास के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से नियमानुसार अधिकतम सरकारी सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए हैं।


