नागपुर : नागपुर में ओला, उबर और रैपिडो जैसी बाइक टैक्सी सेवाओं को लेकर विरोध तेज होता नजर आ रहा है। महाराष्ट्र नवनिर्माण परिवहन सेना (मनसे) के नेतृत्व में सोमवार को स्थानीय टैक्सी चालकों ने संविधान चौक पर जोरदार प्रदर्शन करते हुए इन सेवाओं के खिलाफ एल्गार मोर्चा निकाला। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि बाइक टैक्सी सेवाएं स्पष्ट नियमों और आवश्यक अनुमतियों के बिना संचालित की जा रही हैं, जिससे पारंपरिक टैक्सी और ऑटो चालकों के रोजगार पर असर पड़ रहा है।
आंदोलन में शामिल चालकों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में ऑनलाइन एग्रीगेटर कंपनियों के बढ़ते प्रभाव के कारण स्थानीय परिवहन व्यवसाय को नुकसान झेलना पड़ रहा है। उनका दावा है कि इन कंपनियों की कमीशन आधारित व्यवस्था के चलते वाहन चालकों की कमाई लगातार कम होती जा रही है। ऐसे में पहले से ही आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे स्थानीय चालक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। संविधान चौक पर हुए इस प्रदर्शन के दौरान मनसे नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सरकार से बाइक टैक्सी सेवाओं की वैधता की जांच करने और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यदि सभी परिवहन सेवाओं के लिए समान नियम लागू हैं, तो बाइक टैक्सी सेवाओं को भी उन्हीं मानकों का पालन करना चाहिए।
मनसे और स्थानीय टैक्सी चालकों ने सरकार से अनधिकृत यात्री परिवहन सेवाओं पर तत्काल रोक लगाने तथा स्थानीय परिवहन व्यवसाय को संरक्षण देने की मांग की है। प्रदर्शन के दौरान सरकार का ध्यान इस मुद्दे की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया गया। फिलहाल यह मुद्दा शहर के परिवहन क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार और संबंधित विभाग इस मांग पर क्या फैसला लेते हैं और बाइक टैक्सी सेवाओं को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।


