नई दिल्ली : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर विद्या भारती दिल्ली प्रांत के सेवा शिक्षा विभाग के अंतर्गत सरस्वती बाल मंदिर, राजौरी गार्डन की ओर से “माता रेवतीबाई संस्कार केंद्र” का उद्घाटन मंगलवार को श्याम नगर स्थित नरेंद्र नाथ मेमोरियल ट्रस्ट परिसर में आयोजित एक गरिमामय समारोह में किया गया। कार्यक्रम का माहौल पूरी तरह संस्कार, संस्कृति और राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत नजर आया।
इस संस्कार केंद्र का नाम संघ के आद्य सरसंघचालक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार की पूज्य माताजी रेवतीबाई के सम्मान में रखा गया है। उद्घाटन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत कार्यवाह अनिल गुप्ता ने दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ किया। अपने संबोधन में अनिल गुप्ता ने कहा कि ऐसे संस्कार केंद्र बच्चों को केवल किताबों तक सीमित नहीं रखते, बल्कि उन्हें भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक समरसता से जोड़ने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि संस्कारित बच्चे ही भविष्य में मजबूत समाज और समर्थ राष्ट्र का निर्माण करते हैं। उन्होंने अपने छात्र जीवन के अनुभव साझा करते हुए बताया कि विद्या भारती की शिक्षा ने उनके जीवन को सकारात्मक दिशा दी।
प्रांत संयोजक नरेंद्र दत्त ने जानकारी दी कि यह सरस्वती बाल मंदिर, राजौरी गार्डन का छठा, पश्चिमी विभाग का 29वां और विद्या भारती दिल्ली प्रांत का 122वां संस्कार केंद्र है। उन्होंने कहा कि इन केंद्रों के माध्यम से बच्चों में भारतीय संस्कृति, अनुशासन, राष्ट्रप्रेम और श्रेष्ठ जीवन मूल्यों का विकास किया जाता है। कार्यक्रम के दौरान बाल पुस्तकालय और स्वाध्याय योजना का भी शुभारंभ किया गया। विद्यार्थियों को प्रेरक पुस्तकें और आकर्षक उपहार वितरित किए गए। बच्चों ने देशभक्ति गीत, संस्कार गीत और कविताओं की प्रस्तुतियों से उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।
समारोह में गीता आहूजा, विनोद शर्मा, डॉ. शैलेश भारद्वाज, विजय कुमार गुप्ता, गरिमा गुप्ता, दिनेश अग्रवाल, बेला मिश्रा और बिनोद चौधरी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन और धन्यवाद ज्ञापन ओमशरण श्रीवास्तव ने किया। राष्ट्रीय गीत के साथ समारोह का समापन हुआ।

