मुंबई : महाराष्ट्र की आंगनवाड़ियों में छोटे बच्चों को दिए जाने वाले पोषण आहार की गुणवत्ता को लेकर अब खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) सख्त हो गया है। घटिया भोजन, दालों में कीड़े लगने, खिचड़ी में आंग मिलने और भोजन तैयार करने वाली जगहों पर गंदगी जैसी गंभीर शिकायतों के बाद FDA ने राज्यभर में विशेष अभियान चलाने का फैसला किया है।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त तुकाराम मुंढे के निर्देश पर अब राज्य की आंगनवाड़ियों में हर महीने भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता की जांच की जाएगी। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य छोटे बच्चों को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण पोषण आहार उपलब्ध कराना है। दरअसल, आंगनवाड़ी में बच्चों को दिए जाने वाले पोषण आहार की गुणवत्ता पर एक आंगनवाड़ी सेविका ने सवाल उठाए थे। इसके बाद FDA ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आंगनवाड़ियों में मिलने वाले भोजन और वहां की स्वच्छता व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने का निर्णय लिया है। जांच के दौरान भोजन की गुणवत्ता, खाद्य सामग्री की स्थिति और साफ-सफाई जैसे पहलुओं पर नजर रखी जाएगी। बच्चों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ न हो, इसके लिए नियमित जांच को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
गणेशोत्सव के महाप्रसाद पर भी FDA की नजर
दूसरी ओर, आगामी गणेशोत्सव को देखते हुए सार्वजनिक गणेश मंडलों की ओर से आयोजित किए जाने वाले महाप्रसाद और भंडारों पर भी FDA की नजर रहेगी। सामूहिक भोजन के दौरान खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के नियमों का पालन हो, यह सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन की ओर से निगरानी की जाएगी। महाप्रसाद और भंडारे के दौरान दूषित भोजन के कारण फूड पॉइजनिंग जैसी घटनाओं को रोकना FDA की प्राथमिकता रहेगी। ऐसे में भोजन तैयार करने और वितरित करने के दौरान स्वच्छता के नियमों का पालन करना जरूरी होगा। तुकाराम मुंढे के निर्देशों के बाद FDA की इस कार्रवाई से उम्मीद है कि आंगनवाड़ियों में बच्चों को मिलने वाला पोषण आहार अब सिर्फ कागजों पर पौष्टिक नहीं, बल्कि वास्तव में भी सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण होगा।


