देश के दिग्गज कारोबारी समूहों में शामिल टाटा ग्रुप में बड़ी हलचल मची है। टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने आगामी वार्षिक आम बैठक (AGM) से पहले अपने पद से इस्तीफा देने की जानकारी सामने आई है। करीब एक दशक तक टाटा समूह की कमान संभालने वाले चंद्रशेखरन के इस फैसले से कॉरपोरेट जगत में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 63 वर्षीय एन. चंद्रशेखरन ने अपने फैसले की जानकारी टाटा संस के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स को दे दी है। हालांकि, उनका मौजूदा कार्यकाल फरवरी 2027 में समाप्त होना है और तब तक उनके पद पर बने रहने की बात कही जा रही है।
AGM से पहले क्यों लिया गया फैसला?
टाटा संस की वार्षिक आम बैठक 18 अगस्त को होने वाली है। इससे पहले टाटा संस में करीब 66 फीसदी हिस्सेदारी रखने वाले टाटा ट्रस्ट्स की वोटिंग भूमिका को लेकर अनिश्चितता की चर्चा है। वहीं, टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा और चंद्रशेखरन के नेतृत्व को लेकर मतभेद होने की भी खबरें सामने आई हैं। ऐसे समय में चंद्रशेखरन के इस्तीफे की खबर ने टाटा समूह के अगले नेतृत्व को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि समूह की कमान आगे किसके हाथों में जाती है।
2017 से संभाल रहे थे टाटा ग्रुप की कमान
एन. चंद्रशेखरन ने साल 2017 में टाटा संस के चेयरमैन पद की जिम्मेदारी संभाली थी। इसके बाद उन्होंने टाटा समूह के कारोबार को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। वह टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), टाटा मोटर्स और टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स जैसी प्रमुख टाटा कंपनियों के नेतृत्व से भी जुड़े रहे हैं। करीब दस साल के उनके कार्यकाल के दौरान टाटा समूह ने कई क्षेत्रों में विस्तार किया। ऐसे में उनके इस्तीफे की खबर को कारोबारी जगत में एक बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।
टाटा कंपनियों के शेयरों पर भी असर
चंद्रशेखरन के इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद टाटा समूह की कुछ कंपनियों के शेयरों में दबाव देखने को मिला। रिपोर्ट्स के अनुसार, TCS समेत कुछ टाटा कंपनियों के शेयरों में करीब 4 फीसदी तक गिरावट दर्ज की गई। अब 18 अगस्त को होने वाली AGM पर सबकी नजरें टिकी हैं। बैठक में टाटा संस के नेतृत्व और आगे की रणनीति को लेकर क्या तस्वीर सामने आती है, यह देखना बेहद अहम होगा।


