चीन की राजनीति में राष्ट्रपति शी जिनपिंग का दबदबा किसी से छिपा नहीं है। देश की सत्ता से लेकर सेना तक उनके फैसलों का असर दिखाई देता है। लेकिन अब चीन में एक और नाम तेजी से चर्चा में है, जिसकी ताकत और प्रभाव ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है। यह नाम है झांग शेंगमिन। जिनपिंग के बाद चीन की सत्ता में उन्हें बेहद प्रभावशाली चेहरों में गिना जा रहा है। खास बात यह है कि उनके पास सेना, भ्रष्टाचार विरोधी कार्रवाई और कम्युनिस्ट पार्टी से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां हैं।
परंपरा तोड़कर पॉलिटब्यूरो में मिली जगह
चीन की राजनीति में पॉलिटब्यूरो कम्युनिस्ट पार्टी की सबसे महत्वपूर्ण निर्णय लेने वाली संस्थाओं में से एक है। आमतौर पर इसके सदस्यों का चयन पार्टी के अधिवेशन के दौरान किया जाता है। चीन में अगला पार्टी अधिवेशन 2027 में प्रस्तावित है। लेकिन झांग शेंगमिन को 2025 में ही पॉलिटब्यूरो का सदस्य बना दिया गया। इस नियुक्ति को चीन की सत्ता और सैन्य व्यवस्था में उनके बढ़ते प्रभाव के तौर पर देखा जा रहा है।
झांग की खासियत यह है कि वह केवल एक सैन्य अधिकारी नहीं हैं, बल्कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व में भी अपनी जगह बना चुके हैं। यही वजह है कि उन्हें जिनपिंग के बाद चीन के सबसे प्रभावशाली लोगों में शामिल किया जा रहा है।
कौन हैं झांग शेंगमिन?
फरवरी 1958 में चीन के शान्शी प्रांत में जन्मे झांग शेंगमिन ने महज 20 साल की उम्र में चीनी सेना में प्रवेश किया था। शुरुआत एक सामान्य सैन्य अधिकारी के रूप में हुई, लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई। 2010 में भूकंप के दौरान बचाव अभियान से जुड़े उनके नेतृत्व को उनके करियर का महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है। इसके बाद 2013 में शी जिनपिंग के सत्ता में आने के साथ ही झांग की जिम्मेदारियां और पद लगातार बढ़ते गए। उन्हें जिनपिंग का भरोसेमंद सहयोगी भी माना जाता है।
सेना में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई
झांग शेंगमिन की सबसे बड़ी पहचान चीन की सेना में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई से जुड़ी है। उन्हें सैन्य अनुशासन और भ्रष्टाचार विरोधी व्यवस्था की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके बाद सेना के कई वरिष्ठ अधिकारियों पर कार्रवाई हुई। पिछले एक साल में चीनी सेना के सात में से पांच वरिष्ठ जनरलों को पद से हटाए जाने की खबरों ने सैन्य नेतृत्व में हलचल बढ़ा दी। यहां तक कि वरिष्ठ सैन्य अधिकारी झांग युशिया पर भी कार्रवाई हुई। इन घटनाओं के बाद झांग शेंगमिन का प्रभाव और चर्चा दोनों बढ़ गए।
अब अकेले संभाल रहे हैं बड़ी सैन्य जिम्मेदारी
फिलहाल झांग शेंगमिन चीन की केंद्रीय सैन्य व्यवस्था में उपाध्यक्ष की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। बताया जा रहा है कि पिछले छह महीनों से इस पद पर वह अकेले ही कामकाज देख रहे हैं। इसके साथ ही पॉलिटब्यूरो में उनकी नियुक्ति ने उनकी राजनीतिक ताकत को भी बढ़ाया है।
चीन जैसे देश में जहां सेना और कम्युनिस्ट पार्टी का आपसी संबंध बेहद महत्वपूर्ण है, वहां एक ही व्यक्ति के पास इतनी बड़ी जिम्मेदारियों का होना अपने आप में खास है। यही वजह है कि अब दुनिया की नजर सिर्फ शी जिनपिंग पर नहीं, बल्कि झांग शेंगमिन की बढ़ती ताकत पर भी है। सवाल यह है कि क्या चीन की सत्ता में जिनपिंग के बाद सबसे प्रभावशाली चेहरा झांग शेंगमिन बनकर उभर रहे हैं?


