अमेरिका की राजनीति में 2028 के चुनावों को लेकर अभी से बयानबाजी तेज होने लगी है। दुनिया के चर्चित उद्योगपति और स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क ने आगामी चुनावों को लेकर एक बड़ा राजनीतिक बयान दिया है। उनका कहना है कि अगर 2028 में डेमोक्रेटिक पार्टी ने प्रतिनिधि सभा (हाउस), सीनेट और राष्ट्रपति पद पर जीत हासिल कर ली, तो अमेरिका की राजनीतिक व्यवस्था हमेशा के लिए बदल सकती है। मस्क ने इसे अमेरिका के लिए ‘खेल खत्म’ होने जैसी स्थिति बताया है।
डेमोक्रेट्स की जीत से क्यों डरे मस्क?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए मस्क ने अपनी चिंता जाहिर की। उन्होंने आशंका जताई कि अगर डेमोक्रेटिक पार्टी को तीनों जगह नियंत्रण मिल गया, तो वह अपने राजनीतिक फायदे के लिए कुछ बड़े फैसले ले सकती है। मस्क के मुताबिक, डेमोक्रेट्स वॉशिंगटन डीसी और प्यूर्टो रिको को राज्य का दर्जा देने की कोशिश कर सकते हैं। इससे सीनेट में उनकी ताकत बढ़ सकती है। इसके अलावा उन्होंने अवैध प्रवासियों को कानूनी दर्जा देने के लिए सीमाएं खोलने और अपने पक्ष में न्यायिक बहुमत हासिल करने के लिए सुप्रीम कोर्ट का विस्तार करने की आशंका भी जताई।
‘अमेरिका बन जाएगा एकदलीय देश’
एलन मस्क का मानना है कि अगर ऐसे फैसले लिए गए, तो अमेरिका में राजनीतिक संतुलन पूरी तरह बदल सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि देश हमेशा के लिए एकदलीय व्यवस्था की ओर बढ़ सकता है और इससे लोकतंत्र को नुकसान पहुंच सकता है। मस्क ने अमेरिकी मतदाताओं से रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवारों का समर्थन करने की अपील भी की है। उन्होंने विशेष रूप से 2029 में सीनेट में 51 रिपब्लिकन सदस्यों की मौजूदगी को महत्वपूर्ण बताया है।
राजनीति में मस्क की बढ़ती आर्थिक ताकत
मस्क का यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिकी राजनीति में उनका आर्थिक प्रभाव भी चर्चा का विषय बना हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले रिपब्लिकन पार्टी के चुनावी अभियानों और राजनीतिक संगठनों को 442 मिलियन डॉलर से अधिक का आर्थिक योगदान दिया है।
इस फंडिंग का बड़ा हिस्सा रिपब्लिकन पार्टी को कांग्रेस के दोनों सदनों में अपना नियंत्रण बनाए रखने में मदद करने के उद्देश्य से दिया गया है। टेक्सास की सीनेट सीट की कड़ी चुनावी लड़ाई में भी उनके योगदान को अहम बताया जा रहा है। फिलहाल 2028 के चुनावों में अभी समय है, लेकिन मस्क के इस बयान ने अमेरिकी राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। एक तरफ वह रिपब्लिकन पार्टी के समर्थन में खुलकर सामने आ रहे हैं, तो दूसरी तरफ उनके बयान से यह सवाल भी उठ रहा है कि आने वाले वर्षों में अमेरिका की राजनीतिक दिशा किस ओर जाएगी।


