भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी और जिंदगी के लिए उनके संघर्ष की कहानी एक बार फिर चर्चा में है। दुबई से तेल अवीव जा रहे विमान में कॉकपिट के भीतर हुए हमले में स्मित गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उनके सिर पर आपातकालीन कुल्हाड़ी से कई वार किए गए, लेकिन इस जानलेवा हमले के बावजूद उन्होंने जिंदगी की जंग नहीं हारी। अब डॉक्टरों ने उनकी चोटों की गंभीरता और सर्जरी के दौरान सामने आई चुनौतियों के बारे में जानकारी दी है।
सिर की चोट बनी थी सबसे बड़ी चुनौती
रिपोर्ट के अनुसार, ओमान के सह-पायलट ने कॉकपिट में कैप्टन स्मित मच्छार पर आपातकालीन कुल्हाड़ी से हमला किया था। इस हमले में उनके सिर पर गंभीर चोटें आईं। स्थिति कितनी नाजुक थी, इसका अंदाजा डॉक्टरों द्वारा बताई गई सर्जरी की चुनौतियों से लगाया जा सकता है। अमेरिकी न्यूरोसर्जन डॉ. सनत दीक्षित के अनुसार, इस तरह की चोट में मस्तिष्क से रक्त बाहर ले जाने वाली प्रमुख रक्तवाहिनी को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है। यदि यह रक्तवाहिनी क्षतिग्रस्त हो जाए, तो गंभीर रक्तस्राव हो सकता है। ऐसी चोटों में मृत्यु या स्थायी दिव्यांगता का सामान्य जोखिम 40 प्रतिशत से अधिक हो सकता है। हालांकि, डॉक्टर द्वारा बताया गया यह आंकड़ा इस तरह की चोटों से जुड़ा सामान्य जोखिम है, न कि स्मित के मामले में उनके व्यक्तिगत जोखिम का आकलन।
सर्जरी के दौरान हर कदम था बेहद अहम
डॉक्टरों के मुताबिक, सिर में फंसे किसी टुकड़े को निकालना भी बेहद जोखिम भरा हो सकता है। कई बार ऐसा टुकड़ा घायल रक्तवाहिनी पर दबाव डालकर अस्थायी रूप से रक्तस्राव रोकता है। लेकिन उसे हटाते ही अचानक तेज रक्तस्राव शुरू होने का खतरा रहता है। ऐसी गंभीर स्थिति में एक मिनट के भीतर दो लीटर तक रक्त बहने की आशंका हो सकती है। ऑस्ट्रेलियाई न्यूरोसर्जन डॉ. सोनू भास्कर ने भी तस्वीरों में दिखाई देने वाले घावों और टांकों के आधार पर गंभीर चोट तथा कम से कम दो बड़ी सर्जरी होने के संकेत बताए हैं।
बहादुरी के लिए यूएई ने किया सम्मानित
कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी और विमान में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किए गए प्रयासों को संयुक्त अरब अमीरात ने भी सम्मान दिया है। यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने स्मित मच्छार और फ्लाईदुबई के अन्य कर्मचारियों को ‘जायेद द्वितीय प्रथम श्रेणी सम्मान’ प्रदान किया। दुबई के युवराज एवं यूएई के उपप्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित कार्यक्रम में पदक प्रदान किए।
जिंदगी की जंग और हौसले की मिसाल
कैप्टन स्मित मच्छार की कहानी केवल एक विमान में हुए हमले की घटना नहीं है, बल्कि गंभीर चोटों के बीच जिंदगी के लिए संघर्ष की कहानी भी है। सिर पर जानलेवा हमला, जटिल सर्जरी और स्थायी दिव्यांगता का खतरा—इन सबके बीच उनका बचना इस घटना को और भी महत्वपूर्ण बनाता है। उनकी बहादुरी को मिला सम्मान विमान में यात्रियों की सुरक्षा के लिए किए गए प्रयासों की अहमियत को भी सामने लाता है।


