नागपूर : चलती ट्रेन में पत्थर फेंककर यात्री को घायल करने वाले आरोपी को रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने घटना के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान की गई और उसके खिलाफ रेल अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई।
यह घटना 27 जून 2026 को गाड़ी संख्या 12833 अहमदाबाद–हावड़ा एक्सप्रेस में हुई। जानकारी के अनुसार, दिव्यांग कोच में सफर कर रहे एक यात्री पर तुमसर रोड स्टेशन से ट्रेन के रवाना होने के बाद एक व्यक्ति ने पत्थर फेंक दिया, जिससे यात्री घायल हो गया। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था।मामले की जांच मंडल सुरक्षा आयुक्त चेतन दिलीपराव जिचकार के निर्देशन में शुरू की गई। भंडारा रोड आरपीएफ पोस्ट प्रभारी एलिजाबेथ पवार के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने विभिन्न रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज की जांच की। जांच के दौरान नागपुर स्टेशन के फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया।
घायल यात्री ने संदिग्ध की पहचान की, जिसके बाद गुप्त सूचना के आधार पर टीम उसके घर पहुंची। पूछताछ में आरोपी ने अपनी पहचान यश प्रकाश बर्वे (23), निवासी रविदास नगर, तुमसर, जिला भंडारा के रूप में बताई।पूछताछ में आरोपी ने बताया कि यात्रा के दौरान दिव्यांग कोच में सीट को लेकर उसकी एक यात्री से कहासुनी हुई थी। इसी विवाद के चलते तुमसर रोड स्टेशन पर उतरने के बाद ट्रेन चलने पर उसने गुस्से में यात्री पर पत्थर फेंक दिया।आरोपी के स्वीकारोक्ति बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उसे पहले से दर्ज रेल अधिनियम के मामले में गिरफ्तार कर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की गई।
रेलवे सुरक्षा बल ने कहा कि चलती ट्रेनों पर पत्थर फेंकना गंभीर और दंडनीय अपराध है। इससे यात्रियों की जान को खतरा हो सकता है और रेल संपत्ति को नुकसान पहुंचने के साथ बड़ी दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।
आरपीएफ ने नागरिकों और रेल यात्रियों से अपील की है कि यदि कहीं भी ट्रेनों पर पथराव, रेलवे ट्रैक पर पत्थर, लकड़ी, लोहे या अन्य अवरोधक सामग्री रखे जाने जैसी संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे, तो इसकी सूचना तुरंत नजदीकी आरपीएफ पोस्ट या रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।


