एक महीने में पांचवीं बार बढ़े प्याज के सरकारी खरीद भाव, किसानों को मिलेगा बड़ा फायदा

खरीफ सीजन में मानसून की देरी और बाजार में बढ़ती जमाखोरी की आशंकाओं के बीच केंद्र सरकार ने किसानों को सरकारी खरीद की ओर आकर्षित करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने बफर स्टॉक के लिए प्याज खरीद का न्यूनतम भाव एक महीने में पांचवीं बार बढ़ा दिया है। 4 जुलाई 2026 से सरकारी खरीद का नया भाव 2,125 रुपये प्रति क्विंटल (21.25 रुपये प्रति किलो) लागू कर दिया गया है। इससे पहले यह दर 1,875 रुपये प्रति क्विंटल थी।
सरकार का मानना है कि बढ़े हुए भाव से किसान सरकारी खरीद केंद्रों पर प्याज बेचने के लिए आगे आएंगे और बफर स्टॉक तैयार करने का लक्ष्य भी पूरा हो सकेगा। हालांकि अब तक किसानों ने खुले बाजार में बेहतर दाम मिलने की उम्मीद में सरकारी खरीद केंद्रों से दूरी बनाए रखी है।

सरकार को अब तक सिर्फ 2 हजार टन प्याज ही मिला
1 जून से शुरू हुई सरकारी खरीद के बावजूद अब तक महज 2,000 टन प्याज ही खरीदा जा सका है। शुरुआत में तय किए गए खरीद भाव किसानों को रास नहीं आए, जिसके चलते सरकार को लगातार खरीद दरों में बदलाव करना पड़ा।

एक महीने में ऐसे बढ़े सरकारी खरीद भाव

सीजन की शुरुआत : 12.70 रुपये प्रति किलो

22 मई : 15.80 रुपये प्रति किलो
13 जून : 16.60 रुपये प्रति किलो
20 जून : 17.30 रुपये प्रति किलो
इसके बाद : 18.75 रुपये प्रति किलो
4 जुलाई से : 21.25 रुपये प्रति किलो (2,125 रुपये प्रति क्विंटल)

मानसून की देरी से बढ़ी चिंता, जमाखोरी की भी आशंका

सरकारी एजेंसियों के मुताबिक, कई इलाकों में मानसून देर से पहुंचने के कारण खरीफ प्याज की बुवाई प्रभावित हुई है। इसी स्थिति का फायदा उठाकर कुछ बड़े व्यापारी भविष्य में कीमतें बढ़ने की उम्मीद में प्याज का स्टॉक जमा कर रहे हैं।
महाराष्ट्र के नासिक क्षेत्र में खरीफ प्याज की बुवाई करीब 15 दिन देरी से चल रही है, जबकि कर्नाटक के चित्रदुर्ग और चल्लकेरे इलाके में अब तक केवल 60 फीसदी बुवाई हो पाई है। इसी आधार पर बाजार में कृत्रिम कमी का माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है।

मंत्रालय का भरोसा- घबराने की जरूरत नहीं

हालांकि, उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय का कहना है कि फिलहाल घबराने जैसी कोई स्थिति नहीं है। वर्ष 2025-26 में देश में 307.37 लाख टन प्याज उत्पादन का अनुमान है, जो पिछले साल के लगभग बराबर है। देश की थोक मंडियों में रोजाना 50 हजार टन से अधिक प्याज की आवक हो रही है।
फिलहाल महाराष्ट्र की मंडियों में प्याज का औसत थोक भाव 18 रुपये प्रति किलो है, जबकि देशभर में खुदरा बाजार में प्याज करीब 31 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। सरकार का कहना है कि पर्याप्त उत्पादन और नियमित आवक के कारण फिलहाल आपूर्ति को लेकर किसी बड़ी चिंता की जरूरत नहीं

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