नई दिल्ली : देश में पिछले कुछ समय से बाइक टैक्सी का चलन तेजी से बढ़ रहा है। अब इस सेवा को और बढ़ावा देने की दिशा में केंद्र सरकार की ओर से पहल होती दिखाई दे रही है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राज्यों से निजी दोपहिया वाहन मालिकों को बाइक टैक्सी सेवा चलाने की अनुमति देने पर सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है।
गडकरी के मुताबिक, निजी दोपहिया वाहनों का इस्तेमाल कर बाइक टैक्सी सेवा उपलब्ध कराने का प्रावधान मौजूद है। हालांकि, कुछ राज्यों में अभी तक ऐसी सेवाओं को अनुमति नहीं मिली है। ऐसे में संबंधित राज्यों को इस दिशा में आगे बढ़ने पर विचार करना चाहिए।
परिवहन का फैसला राज्यों के हाथ में
बाइक टैक्सी को अनुमति देने का अंतिम निर्णय राज्य सरकारों के अधिकार क्षेत्र में आता है। परिवहन राज्य का विषय होने के कारण हर राज्य अपने स्तर पर बाइक टैक्सी के लिए नियम, परमिट, बीमा और अन्य शर्तें तय कर सकता है। गडकरी का मानना है कि बाइक टैक्सी खासकर ग्रामीण और रोजगार के सीमित अवसर वाले क्षेत्रों में लोगों के लिए अतिरिक्त कमाई का जरिया बन सकती है। यानी अपनी बाइक का इस्तेमाल सिर्फ आने-जाने के लिए नहीं, बल्कि कमाई के साधन के रूप में भी किया जा सकता है।
8 करोड़ लोगों को मिल सकता है रोजगार?
बाइक टैक्सी सेवाओं को बड़े स्तर पर प्रोत्साहन मिलने पर करीब 8 करोड़ लोगों के लिए रोजगार और आजीविका के अवसर पैदा हो सकते हैं, ऐसा दावा नितिन गडकरी ने किया है। खासकर छोटे शहरों, ग्रामीण इलाकों और उन क्षेत्रों में जहां रोजगार के विकल्प कम हैं, वहां बाइक टैक्सी लोगों के लिए कमाई का नया रास्ता खोल सकती है।
ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर भी सख्ती
सड़क सुरक्षा को लेकर भी सरकार सख्त कदम उठाने की तैयारी में है। गडकरी ने बताया कि बार-बार यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों पर कार्रवाई के लिए मोटर वाहन कानून में बदलाव की तैयारी चल रही है। इसके तहत ‘निगेटिव पॉइंट सिस्टम’ लागू करने का प्रस्ताव है। नियम तोड़ने पर चालक के रिकॉर्ड में निगेटिव पॉइंट जुड़ेंगे। तय सीमा से ज्यादा पॉइंट होने पर ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित या रद्द किया जा सकता है।
ड्राइवरों की सेहत पर भी नजर
सड़क सुरक्षा के साथ-साथ चालकों के स्वास्थ्य पर भी ध्यान दिया जा रहा है। गडकरी ने ‘सुरक्षा’ नाम से एक पायलट कार्यक्रम शुरू किया है। इसके तहत चालक, निर्माण श्रमिकों के साथ-साथ हाईवे और खनन परियोजनाओं में काम करने वाले जोखिम वाले कर्मचारियों की मुफ्त स्वास्थ्य जांच और काउंसलिंग की जाएगी।
शुरुआती चरण में यह कार्यक्रम महाराष्ट्र के नागपुर-कामठी NH-44 मार्ग और चंद्रपुर के खनन क्षेत्र में करीब 150 किलोमीटर के दायरे में चलाया जाएगा। इस पहल के जरिए करीब 10 हजार लोगों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है।
बाइक टैक्सी से सफर आसान होगा या रोजगार बढ़ेगा?
बाइक टैक्सी को लेकर राज्यों के फैसले आने वाले समय में काफी अहम हो सकते हैं। एक तरफ इससे लोगों को कम खर्च में यात्रा का विकल्प मिल सकता है, तो दूसरी तरफ निजी दोपहिया मालिकों के लिए कमाई का नया रास्ता खुल सकता है। अब नजर इस बात पर है कि अलग-अलग राज्य इस प्रस्ताव पर क्या रुख अपनाते हैं।


