Weekend Cleaning नहीं, ‘Life Cleaning’ करें! घर के साथ मन को भी संवारें

इस Weekend घर ही नहीं, मन का कोना भी थोड़ा साफ करें…

पूरे हफ्ते काम, पढ़ाई, ऑफिस, घर और जिम्मेदारियों के बीच हम बहुत कुछ जमा करते जाते हैं। घर में सामान जमा होता है, मोबाइल में तस्वीरें और फाइलें जमा होती हैं… और मन में भी गुस्सा, चिंता, पुरानी बातें और अधूरी भावनाएं जमा होती रहती हैं। Weekend आते ही हम घर की सफाई शुरू कर देते हैं। अलमारी ठीक करते हैं, बेकार सामान हटाते हैं, कमरा सजाते हैं। लेकिन कभी सोचा है कि मन की सफाई कब की थी? इस Weekend थोड़ा समय खुद के लिए निकालिए और घर के साथ अपनी जिंदगी का भी छोटा-सा ‘Life Cleaning’ करिए।

 जो सामान काम का नहीं, उसे जाने दें

अलमारी खोलते ही ऐसी कई चीजें मिल जाती हैं, जिन्हें महीनों से इस्तेमाल नहीं किया। फिर भी हम उन्हें यह सोचकर संभालकर रखते हैं कि “कभी काम आ जाएंगी।” लेकिन हर चीज को संभालकर रखना जरूरी नहीं होता। जो सामान आपके काम का नहीं है, उसे किसी जरूरतमंद को दिया जा सकता है या फिर हटाया जा सकता है। कभी-कभी घर की एक छोटी-सी सफाई भी मन को काफी हल्का कर देती है।

 मोबाइल में भी थोड़ा ‘क्लीनअप’ जरूरी है

हमारे फोन में न जाने कितनी पुरानी तस्वीरें, बेकार स्क्रीनशॉट, अनावश्यक फाइलें और ऐसी सूचनाएं होती हैं, जिनकी हमें जरूरत ही नहीं होती। इस Weekend कुछ समय निकालकर फोन भी साफ करें। बेकार चीजें हटाएं और गैरजरूरी सूचनाएं बंद करें। और सबसे जरूरी… कुछ देर के लिए फोन को खुद से दूर रखिए। क्योंकि हर खाली पल को मोबाइल से भरना जरूरी नहीं है।

 मन में अटकी बातें कागज पर उतारें

कभी किसी की बात दिल में रह जाती है। कभी किसी रिश्ते की कोई बात परेशान करती है। कभी भविष्य की चिंता होती है और कभी बीती हुई बात बार-बार याद आती है। अगर मन बहुत कुछ कहना चाहता है, तो उसे एक कागज पर लिखकर देखिए। जरूरी नहीं कि हर बात का जवाब उसी समय मिले। लेकिन मन में चल रही उलझन को शब्द मिल जाएं, तो दिल थोड़ा हल्का जरूर महसूस कर सकता है।

हर रिश्ते को बचाए रखना जरूरी नहीं

जिंदगी में कुछ लोग हमेशा हमारे साथ रहते हैं और कुछ लोग सिर्फ एक सीख देकर आगे बढ़ जाते हैं। हर रिश्ते को पहले जैसा बनाए रखने की कोशिश करते रहना जरूरी नहीं है। कभी-कभी किसी रिश्ते को स्वीकार करके थोड़ा पीछे हट जाना भी जरूरी होता है। हर जगह खुद को साबित करना और हर किसी को खुश रखना हमारी जिम्मेदारी नहीं है।

 खुद के लिए भी थोड़ा समय बचाएं

Weekend सिर्फ घर की सफाई, कपड़े धोने और अगले हफ्ते की तैयारी के लिए नहीं है। अपनी पसंद की चाय बनाइए। कोई पुराना पसंदीदा गाना सुनिए। थोड़ी देर टहलने जाइए। परिवार के साथ बैठिए या बस कुछ देर बिना किसी काम के शांत बैठिए। हम अक्सर दूसरों के लिए समय निकाल लेते हैं, लेकिन खुद के लिए समय निकालना भूल जाते हैं।

 इस Weekend एक नई शुरुआत करें

घर की सफाई करने के बाद जब कमरा साफ और व्यवस्थित दिखता है, तो मन को भी अच्छा लगता है। ठीक वैसे ही जब हम पुरानी नाराजगी, बेवजह की चिंता, जरूरत से ज्यादा उम्मीदें और खुद पर बना अनावश्यक दबाव थोड़ा कम करते हैं, तो जिंदगी भी कुछ आसान लगने लगती है।

इस Weekend सिर्फ अपना घर मत सजाइए…

अपने मन को भी थोड़ा व्यवस्थित कीजिए।

क्योंकि साफ घर आंखों को सुकून देता है, लेकिन शांत मन जिंदगी को सुकून देता है।

लोकतंत्र मिरर

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