Vasota Fort Tourism : चार महीने बाद खुलेगा वासोटा किला, पर्यटकों का इंतजार खत्म!

15 अक्टूबर से शुरू होगी सैर-सपाटा की रौनक; जानें टिकट, गाइड और बोट पार्किंग के नए रेट

महाराष्ट्र के सह्याद्री की खूबसूरत वादियों में घूमने और ऐतिहासिक किलों को करीब से देखने का इंतजार कर रहे पर्यटकों के लिए अच्छी खबर है। सह्याद्री टाइगर रिजर्व की शान माना जाने वाला ऐतिहासिक वासोटा किला 15 अक्टूबर 2026 से पर्यटकों के लिए फिर से खुलने जा रहा है। प्राकृतिक आपदा और सुरक्षा कारणों के चलते करीब चार महीने से बंद इस पर्यटन स्थल के खुलने से जहां पर्यटकों को राहत मिलेगी, वहीं आसपास के गांवों में पर्यटन व्यवसाय को भी नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।

घने जंगल, अथाह जलाशय और इतिहास का अनोखा संगम

सतारा जिले के कास क्षेत्र में स्थित वासोटा किला प्रकृति प्रेमियों, ट्रेकिंग के शौकीनों और दुर्ग भ्रमण करने वालों के बीच खास पहचान रखता है। घने जंगल, सदाबहार पेड़-पौधे और विशाल जलाशय इस जगह को बाकी पर्यटन स्थलों से अलग बनाते हैं। छुट्टियों के दौरान यहां महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों से पर्यटक पहुंचते हैं। अब चार महीने के इंतजार के बाद एक बार फिर यहां पर्यटकों की चहल-पहल बढ़ने की उम्मीद है। इसके साथ ही बामणोली, मुनावळे, शेंबडी, तापोळा और अंबवडे जैसे आसपास के क्षेत्रों में बोट चलाने वाले, होटल संचालकों और टेंट व्यवसायियों को भी काम मिलने की संभावना है।

वासोटा किले का प्रवेश शुल्क कितना होगा?

किले की सैर की योजना बनाने से पहले पर्यटक प्रवेश शुल्क और अन्य खर्चों की जानकारी जरूर रखें।

– वयस्कों का प्रवेश शुल्क: 150 रुपये
– 5 से 12 साल के बच्चों का प्रवेश शुल्क: 75 रुपये
– गाइड शुल्क: 300 रुपये
– बोट पार्किंग शुल्क: 200 रुपये
– डीएसएलआर कैमरा शुल्क: 100 रुपये

यात्रा पर निकलने से पहले संबंधित वन विभाग से शुल्क, परमिट और बोट सेवा से जुड़ी ताजा जानकारी की पुष्टि करना बेहतर रहेगा।

साइलेंस जोन में शोर मचाने पर रोक

वासोटा किला और उसके आसपास के क्षेत्र को साइलेंस जोन घोषित किया गया है। इसका उद्देश्य जंगल के प्राकृतिक वातावरण और वन्यजीवों की शांति को बनाए रखना है। ऐसे में पर्यटकों को तेज आवाज में नारे लगाने, शोर मचाने और स्पीकर बजाने से बचना होगा। वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास में पर्यटन करते समय जिम्मेदारी से व्यवहार करना जरूरी है, ताकि प्रकृति की खूबसूरती के साथ-साथ वहां रहने वाले जीवों की सुरक्षा भी बनी रहे।

बोट सफारी के दौरान इन नियमों का रखें ध्यान

वासोटा किले तक पहुंचने के लिए बोट सेवा अहम भूमिका निभाती है। ऐसे में सुरक्षा नियमों का पालन करना हर पर्यटक के लिए जरूरी होगा।

– बोट में बैठने के बाद लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य है।
– सफारी के दौरान शराब पीना और धूम्रपान करना प्रतिबंधित है।
– एक बोट में केवल 12 से 15 पर्यटकों को ही ले जाने की अनुमति होगी।
– हर बोट में अग्निशमन यंत्र रखना अनिवार्य है।

पर्यटकों की सुरक्षा, वन्यजीवों की रक्षा और जंगल के पर्यावरण को सुरक्षित रखना वन विभाग के सामने बड़ी जिम्मेदारी होगी।

क्या खुलेगा पुराना वासोटा पॉइंट?

वासोटा किले पर बढ़ती पर्यटकों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वन विभाग आसपास के नए पर्यटन स्थलों को विकसित करने की दिशा में भी काम कर रहा है। इसके लिए सर्वेक्षण किया जा रहा है। पुराने वासोटा पॉइंट सहित कुछ नए पर्यटन स्थलों को शुरू करने की योजना है। हालांकि, इन्हें खोलने को लेकर अभी अंतिम निर्णय की जानकारी सामने नहीं आई है।

स्थानीय कारोबारियों को रोजगार की उम्मीद

वासोटा किला फिर से खुलने की खबर से आसपास के पर्यटन व्यवसायियों में उत्साह है। बामणोली और आसपास के क्षेत्रों में बोट क्लब, होटल और अन्य पर्यटन सेवाओं से जुड़े लोगों को उम्मीद है कि पर्यटकों की वापसी से उनका कारोबार फिर गति पकड़ेगा। भैरवनाथ बोट क्लब, बामणोली के अध्यक्ष धनाजी सकपाल के अनुसार, पर्यटन शुरू होने से क्षेत्र के बोट संचालकों और अन्य व्यवसायियों को रोजगार मिलने का रास्ता खुलेगा।

कुल मिलाकर, 15 अक्टूबर से वासोटा किले में पर्यटन की वापसी केवल घूमने-फिरने वालों के लिए ही नहीं, बल्कि आसपास के स्थानीय कारोबारियों के लिए भी राहत लेकर आ सकती है। हालांकि, इस प्राकृतिक धरोहर का आनंद लेते समय सुरक्षा नियमों और पर्यावरण संरक्षण का ध्यान रखना हर पर्यटक की जिम्मेदारी होगी।

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