UPI से पेमेंट करने वालों के लिए एक बड़ा बदलाव सामने आया है। NPCI ने चुनिंदा UPI मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर Merchant Discount Rate यानी MDR लागू करने की नई व्यवस्था का ऐलान किया है। इस खबर का असर शेयर बाजार में भी देखने को मिला। बुधवार को कारोबार की शुरुआत में Paytm और MobiKwik से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में तेजी दर्ज की गई।
नई व्यवस्था के मुताबिक, 15 अक्टूबर से 2,000 रुपये से ज्यादा के कुछ Person-to-Merchant (P2M) UPI लेनदेन पर अधिकतम 0.4% तक MDR लगाया जा सकता है। हालांकि, हर लेनदेन पर एक जैसा चार्ज नहीं लगेगा। ट्रांजैक्शन के प्रकार के आधार पर MDR की दर अलग हो सकती है। छोटे व्यापारियों के लिए कुछ छूट का भी प्रावधान रहेगा।
आम UPI यूजर्स के लिए क्या बदला?
यह बदलाव हर UPI ट्रांजैक्शन पर लागू नहीं होगा। 2,000 रुपये तक के Person-to-Person (P2P) UPI लेनदेन पर MDR शून्य ही रहेगा। यानी आम तौर पर किसी व्यक्ति को दूसरे व्यक्ति के खाते में पैसे भेजने वाले यूजर्स पर इस फैसले का सीधा असर नहीं पड़ेगा।
Paytm और MobiKwik के शेयरों में तेजी क्यों?
NPCI के फैसले के बाद One 97 Communications, जो Paytm की पैरेंट कंपनी है, के शेयर में शुरुआती कारोबार में करीब 4% की तेजी देखी गई और शेयर करीब 1,810 रुपये तक पहुंच गया। वहीं One MobiKwik Systems के शेयर में भी करीब 4.70% की बढ़त दर्ज हुई और यह 210.32 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा था। Paytm के शेयर ने पिछले तीन महीनों में करीब 56% का रिटर्न दिया है, जबकि एक साल में इसमें करीब 40% की बढ़त दर्ज हुई है। दूसरी ओर, MobiKwik के शेयर ने पिछले एक साल में करीब 36% की गिरावट देखी है।
UPI से कितनी कमाई हो सकती है?
MDR लागू होने की संभावना से UPI इकोसिस्टम में नए राजस्व का रास्ता खुल सकता है। Goldman Sachs के अनुमान के मुताबिक, नई MDR व्यवस्था से UPI इंडस्ट्री को हर साल करीब 20,600 करोड़ रुपये का राजस्व मिल सकता है। वहीं JPMorgan ने UPI से संभावित सालाना राजस्व करीब 17,000 करोड़ रुपये रहने का अनुमान जताया है। इसके अलावा Citi के अनुमान के मुताबिक UPI इकोसिस्टम से हर साल करीब 16,000 से 17,000 करोड़ रुपये की कमाई हो सकती है।
पेमेंट कंपनियों के लिए क्यों अहम है यह फैसला?
UPI भारत में डिजिटल पेमेंट का एक बड़ा माध्यम बन चुका है। ऐसे में पेमेंट कंपनियों के लिए बड़े व्यापारिक लेनदेन पर MDR से मिलने वाला संभावित राजस्व ऑपरेशनल खर्च को संभालने में मदद कर सकता है। PhonePe के संस्थापक और CEO समीर निगम ने भी NPCI के इस फैसले का स्वागत किया है। उनके मुताबिक, यह कदम UPI सिस्टम की लंबे समय की स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, भारत में रोजाना करीब 70 से 80 करोड़ UPI ट्रांजैक्शन होते हैं और इनमें लगभग 96% ट्रांजैक्शन 2,000 रुपये से कम के होते हैं। यानी फिलहाल इस बदलाव का फोकस बड़े व्यापारी लेनदेन पर है। इसी वजह से बाजार में पेमेंट कंपनियों के संभावित अतिरिक्त राजस्व को लेकर निवेशकों की दिलचस्पी दिखाई दी है।


