न्यूयॉर्क : संयुक्त राष्ट्र महासभा का मंच उस वक्त चर्चा में आ गया, जब इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भाषण देने के लिए खड़े हुए और कई देशों के प्रतिनिधियों ने विरोध में सभागार से बाहर निकलना शुरू कर दिया। दी गई जानकारी के मुताबिक, करीब 75 देशों के प्रतिनिधियों ने घोषणाबाजी और हूटिंग के बीच वॉकआउट किया। देखते ही देखते सभागार की बड़ी संख्या में कुर्सियां खाली हो गईं।
इस विरोध के बीच नेतन्याहू कुछ देर तक मंच पर खड़े रहे। इसके बाद उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि अगर सभागार में और भी ‘डरने वाले’ लोग हैं तो वे भी बाहर जा सकते हैं। दूसरी ओर, हॉल में मौजूद उनके समर्थकों ने ‘अम यिसराइल चाई’ के नारे लगाए और तालियों के साथ उनका समर्थन किया।
गाजा में सैन्य कार्रवाई का किया बचाव
नेतन्याहू ने अपने भाषण में 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले का जिक्र करते हुए गाजा में इजरायल की सैन्य कार्रवाई का बचाव किया। उन्होंने कहा कि दुश्मनों को लगा था कि इजरायल टूट जाएगा, लेकिन इजरायल मजबूती से खड़ा रहा और लड़ता रहा। इजरायल पर लगाए जा रहे नरसंहार के आरोपों को भी नेतन्याहू ने खारिज किया। उन्होंने कहा कि इजरायल ने नरसंहार नहीं किया, बल्कि हमास के हाथों यहूदी नागरिकों के नरसंहार को रोकने के लिए कार्रवाई की।
पेजर हमले से लेकर स्टारलिंक तक का जिक्र
अपने भाषण के दौरान नेतन्याहू ने हिजबुल्लाह के खिलाफ कार्रवाई का जिक्र करते हुए पेजर हमलों की ओर भी इशारा किया। उन्होंने कहा कि हिजबुल्लाह उन पेजरों को कभी नहीं भूल पाएगा। इसके बाद उन्होंने ईरान को लेकर भी कड़ा संदेश दिया। नेतन्याहू मंच पर स्टारलिंक का एक उपकरण लेकर आए और कहा कि इसे ईरानी प्रतिनिधिमंडल के लिए छोड़ा जा रहा है। उनके मुताबिक, अगर ईरान के लोग अपने सरकार के खिलाफ खड़े होते हैं तो इस तकनीक के जरिए सेंसरशिप से बाहर निकलकर दुनिया से संवाद कर सकते हैं।
न्यूयॉर्क के मेयर पर भी निशाना
नेतन्याहू ने न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी पर भी निशाना साधा और उन पर हमास का समर्थन करने का आरोप लगाया। वहीं उन्होंने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भी आभार जताया और कहा कि अमेरिका के सहयोग से इजरायल अपनी सुरक्षा और संस्कृति की रक्षा कर पा रहा है।
खाली टेबल पर दिखी कासिम सुलेमानी की तस्वीर
नेतन्याहू के भाषण के दौरान ईरानी प्रतिनिधिमंडल सभागार में मौजूद नहीं था। हालांकि, उनकी खाली टेबल पर ईरान के कुद्स फोर्स के पूर्व कमांडर जनरल कासिम सुलेमानी की बड़ी तस्वीर रखी गई थी। सुलेमानी की मौत अमेरिकी हमले में हुई थी। यह तस्वीर नेतन्याहू के सामने साफ तौर पर दिखाई दे रही थी। विरोध, खाली कुर्सियों और तीखे बयानों के बीच नेतन्याहू ने अपना भाषण जारी रखा। अंत में उन्होंने कहा कि इजरायल के पास लड़ने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है।


