नई दिल्ली : टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी Tata Sons ने वित्त वर्ष 2025-26 में शानदार वित्तीय प्रदर्शन किया है। कंपनी ने इस साल 31,961 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया, जो पिछले वित्त वर्ष के 26,232 करोड़ रुपये के मुकाबले 21.8 फीसदी अधिक है। वहीं, कंपनी का कुल राजस्व भी बढ़कर 42,367 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो पिछले साल 38,835 करोड़ रुपये था।
मजबूत मुनाफे के बाद कंपनी के निदेशक मंडल ने प्रति शेयर ₹1,10,717 का डिविडेंड देने की सिफारिश की है। पिछले साल कंपनी ने प्रति शेयर ₹64,900 का डिविडेंड दिया था। यानी इस बार डिविडेंड में करीब 70 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। अगर आगामी वार्षिक आम बैठक (AGM) में शेयरधारकों की मंजूरी मिल जाती है, तो Tata Sons कुल 4,475 करोड़ रुपये का डिविडेंड वितरित करेगी। हालांकि, यह डिविडेंड आम निवेशकों के लिए नहीं है। Tata Sons शेयर बाजार में सूचीबद्ध कंपनी नहीं है, इसलिए इसका लाभ केवल कंपनी के ट्रस्ट, प्रमोटर्स और अन्य मौजूदा शेयरधारकों को ही मिलेगा।
कंपनी में सबसे बड़ी हिस्सेदारी Sir Dorabji Tata Trust समेत टाटा ट्रस्ट्स की है। ऐसे में डिविडेंड का सबसे बड़ा हिस्सा इन्हीं ट्रस्ट्स को मिलने की संभावना है। वहीं, Tata Sons के शेयरधारकों में शामिल Noel Tata को भी उनके पास मौजूद शेयरों के आधार पर करोड़ों रुपये का डिविडेंड मिलने की उम्मीद है। कंपनी ने ट्रस्ट्स को मिलने वाली सटीक राशि का आधिकारिक विवरण सार्वजनिक नहीं किया है।


