महाराष्ट्र में स्कूल बस से बच्चों को भेजने वाले अभिभावकों के लिए एक अहम खबर सामने आई है। बच्चों की स्कूल बस फीस भरने के लिए अब तक UPI का इस्तेमाल करने वाले माता-पिता को भुगतान का दूसरा विकल्प चुनना पड़ सकता है। जानकारी के मुताबिक, स्कूल बस ओनर्स एसोसिएशन (SBOA) ने 15 अक्टूबर से UPI के जरिए बस फीस स्वीकार नहीं करने का फैसला लिया है। हालांकि, अभिभावकों को अपने स्कूल या बस संचालक से इस बारे में पुष्टि जरूर करनी चाहिए।
UPI पेमेंट बंद करने के पीछे क्या है वजह?
आजकल ज्यादातर अभिभावक मोबाइल से ही स्कूल की फीस और बस का भुगतान करना पसंद करते हैं। इससे समय बचता है और नकद पैसे रखने की जरूरत भी नहीं पड़ती। लेकिन स्कूल बस प्रबंधन का दावा है कि 2,000 रुपये से ज्यादा के UPI लेनदेन पर पेमेंट गेटवे की ओर से शुल्क लिया जा रहा है। एसोसिएशन के मुताबिक, कुछ लेनदेन पर 200 रुपये तक का शुल्क लग सकता है। स्कूल बस की छह महीने की फीस अक्सर 2,000 रुपये से ज्यादा होती है। ऐसे में भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क लगने से बस संचालकों का खर्च बढ़ सकता है। इसी वजह से UPI से फीस लेना बंद करने का कदम उठाए जाने की बात कही जा रही है।
अब अभिभावक कैसे भरें बस की फीस?
स्कूल बस ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल गर्ग के अनुसार, अभिभावकों को UPI के बजाय चेक या क्रेडिट कार्ड से फीस भरने का विकल्प अपनाने की सलाह दी गई है। हालांकि, हर स्कूल या बस संचालक के यहां एक ही नियम लागू होगा, यह स्पष्ट नहीं है। इसलिए फीस जमा करने से पहले संबंधित स्कूल प्रशासन से भुगतान के उपलब्ध विकल्पों की जानकारी लेना जरूरी है।
अभिभावक इन बातों का रखें ध्यान
बच्चों की स्कूल बस फीस समय पर जमा करने के लिए अभिभावक 15 अक्टूबर से पहले स्कूल या बस संचालक से संपर्क करें। UPI भुगतान बंद होने की सूचना की पुष्टि करें और चेक या क्रेडिट कार्ड से भुगतान की सुविधा उपलब्ध है या नहीं, यह भी पूछें। डिजिटल भुगतान की सुविधा पर निर्भर रहने वाले माता-पिता के लिए यह बदलाव परेशानी का कारण बन सकता है। ऐसे में सही जानकारी लेकर पहले से भुगतान की व्यवस्था करना बेहतर होगा, ताकि बच्चों के स्कूल आने-जाने में किसी तरह की असुविधा न हो।


