Petrol-Diesel Price Today : पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से परेशान आम लोगों के लिए कच्चे तेल के मोर्चे से थोड़ी राहत की खबर सामने आई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार छठे दिन गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, इसका असर फिलहाल भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर देखने को नहीं मिला है। रक्षाबंधन के दिन भी देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर बने हुए हैं।
कच्चे तेल के दाम में गिरावट
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में आज मामूली गिरावट देखने को मिली। होर्मुज की सामुद्रधुनी फिर से खुलने की उम्मीद के बीच तेल की कीमतों पर दबाव बना हुआ है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार कच्चे तेल की कीमत करीब 83 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है, जबकि ब्रेंट क्रूड करीब 88 डॉलर प्रति बैरल के आसपास है।
हालांकि, कच्चे तेल के दाम में गिरावट आई है, लेकिन पिछले एक साल में अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब 30 प्रतिशत बढ़ी है। ऐसे में आम लोगों को पेट्रोल-डीजल सस्ता होने का अभी भी इंतजार है।
देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल के दाम
आज देश के प्रमुख शहरों में एक लीटर पेट्रोल की कीमत इस प्रकार है—
– नई दिल्ली: ₹102.12 प्रति लीटर
– मुंबई: ₹111.18 प्रति लीटर
– कोलकाता: ₹113.47 प्रति लीटर
– चेन्नई: ₹107.77 प्रति लीटर
– गुरुग्राम: ₹102.77 प्रति लीटर
– नोएडा: ₹102.12 प्रति लीटर
– बेंगलुरु: ₹110.93 प्रति लीटर
– भुवनेश्वर: ₹109.92 प्रति लीटर
– चंडीगढ़: ₹98.10 प्रति लीटर
– हैदराबाद: ₹115.69 प्रति लीटर
– जयपुर: ₹112.66 प्रति लीटर
– लखनऊ: ₹102.05 प्रति लीटर
– पटना: ₹113.35 प्रति लीटर
– तिरुवनंतपुरम: ₹115.49 प्रति लीटर
इन दरों में शहर के हिसाब से अंतर देखने को मिलता है। चंडीगढ़ में पेट्रोल की कीमत ₹98.10 प्रति लीटर है, जबकि हैदराबाद और तिरुवनंतपुरम जैसे शहरों में यह कीमत ₹115 के पार है।
25 मई से पेट्रोल-डीजल के रेट स्थिर
तेल कंपनियों ने आखिरी बार मई महीने में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की थी। 15 मई से 25 मई के बीच पेट्रोल-डीजल के दाम में चार बार बढ़ोतरी हुई थी। इसके बाद 25 मई से कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। साल 2022 के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इस तरह की बढ़ोतरी पहली बार देखने को मिली थी। अब कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बीच लोगों की नजर इस बात पर है कि तेल कंपनियां इसका फायदा ग्राहकों तक कब पहुंचाती हैं।
ईरान-अमेरिका-इस्राइल तनाव का भी असर
ईरान, अमेरिका और इस्राइल के बीच तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला था। एक समय कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई थी। इसका सीधा असर दुनिया के कई देशों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर पड़ा। भारत में भी कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण तेल कंपनियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक कंपनियों को प्रतिदिन करीब 1,000 करोड़ रुपये तक का नुकसान हो रहा था। इसके बाद केंद्र सरकार ने तेल कंपनियों पर दबाव कम करने के लिए पेट्रोल और डीजल से जुड़े करों में भी कटौती की थी।
फिलहाल कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट जरूर आई है, लेकिन देश में पेट्रोल-डीजल के दाम अभी स्थिर हैं। ऐसे में आम लोगों को राहत के लिए तेल कंपनियों की अगली घोषणा का इंतजार करना होगा।


