शेयर बाजार में कब कौन-सा स्टॉक निवेशकों को चौंका दे, कुछ कहा नहीं जा सकता। कुछ शेयर ऐसे होते हैं जो लंबे समय तक शांत रहने के बाद अचानक तेज रफ्तार पकड़ लेते हैं। PVP Ventures का शेयर भी इन दिनों कुछ ऐसी ही वजह से चर्चा में है। शेयर में हाल के हफ्तों में जोरदार तेजी देखने को मिली है और इसके रिटर्न ने निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
एक महीने में करीब 146% की तेजी
PVP Ventures के शेयर में पिछले कुछ समय से खरीदारी का रुझान मजबूत हुआ है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, पिछले एक महीने में शेयर ने करीब 145.90% का रिटर्न दिया है। यानी इस अवधि में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए शेयर की कीमत करीब ढाई गुना तक पहुंच गई। वहीं, पिछले एक साल की बात करें तो शेयर ने करीब 137% का रिटर्न दिया है। सबसे ज्यादा चर्चा हालांकि इसके लंबी अवधि के प्रदर्शन को लेकर हो रही है।
5 साल में 1,320% से ज्यादा रिटर्न
PVP Ventures के शेयर ने पिछले पांच वर्षों में निवेशकों को करीब 1,319.58% का रिटर्न दिया है। इसे अगर आसान भाषा में समझें तो पांच साल पहले किसी निवेशक ने इस शेयर में ₹50,000 लगाए होते, तो दिए गए रिटर्न के हिसाब से उसकी रकम आज करीब ₹7 लाख तक पहुंच गई होती। यानी पांच साल की अवधि में शुरुआती निवेश करीब 14 गुना तक बढ़ा। इसी वजह से यह शेयर इन दिनों मल्टीबैगर स्टॉक के तौर पर चर्चा में है।
आखिर PVP Ventures करती क्या है?
PVP Ventures मुख्य रूप से रियल एस्टेट, शहरी बुनियादी ढांचे और अलग-अलग कारोबारों में निवेश से जुड़ी गतिविधियों में काम करती है। कंपनी रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स के जरिए भी अपना कारोबार करती है। खास बात यह है कि शेयर में लंबे समय तक बहुत ज्यादा हलचल देखने को नहीं मिली थी। लेकिन हाल के समय में शेयर में तेजी बढ़ी है। कंपनी की आर्थिक स्थिति में सुधार, तिमाही नतीजों और क्रेडिट रेटिंग में हुए सकारात्मक बदलाव जैसी खबरों ने भी निवेशकों का ध्यान इस शेयर की ओर खींचा है।
तेजी देखकर जल्दबाजी में निवेश न करें
PVP Ventures ने भले ही पिछले कुछ वर्षों में शानदार रिटर्न दिया हो, लेकिन शेयर बाजार में पुराना रिटर्न भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं होता। किसी शेयर में कम समय में बहुत तेज उछाल आने के बाद उतार-चढ़ाव और जोखिम भी बढ़ सकता है। इसलिए सिर्फ मल्टीबैगर रिटर्न देखकर निवेश करना सही रणनीति नहीं मानी जाती। निवेश से पहले कंपनी के तिमाही नतीजे, कर्ज, कैश फ्लो, कारोबार की स्थिति और भविष्य की योजनाओं को समझना जरूरी है।


