एशियाई खेल 2026 में भारतीय महिला निशानेबाजी टीम को पदक के बेहद करीब पहुंचकर निराशा हाथ लगी। महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल टीम स्पर्धा में राही सरनोबत के एक निशाने को ‘फ्रेम हिट’ करार दिया गया। इस एक फैसले का असर पूरे मुकाबले पर पड़ा और भारत पदक से चूक गया।
राही सरनोबत, मनु भाकर और ईशा सिंह की भारतीय टीम ने मुकाबले में अच्छा प्रदर्शन किया। टीम ने कुल 1727 अंक हासिल किए और पांचवें स्थान पर रही। चीन ने 1743 अंकों के साथ स्वर्ण पदक, कोरिया ने 1735 अंकों के साथ रजत पदक और चीनी ताइपे ने 1734 अंकों के साथ कांस्य पदक जीता। मुकाबले के दौरान राही का एक निशाना टारगेट के मुख्य हिस्से पर लगने के बजाय बाहरी फ्रेम पर लगा। इसे ‘फ्रेम हिट’ माना गया और उस निशाने के लिए राही को कोई अंक नहीं मिला। यहीं से भारतीय टीम की मुश्किल बढ़ गई।
54 हजार रुपये देकर की अपील
इस फैसले को लेकर भारतीय टीम ने अपील भी की। इसके लिए करीब 54 हजार रुपये की फीस जमा की गई। इसके बाद ज्यूरी ने मामले की दोबारा जांच की और उपलब्ध फुटेज देखने के बाद भी ‘फ्रेम हिट’ का फैसला बरकरार रखा। यानी राही के उस निशाने के अंक नहीं जोड़े गए।
क्या होता है ‘फ्रेम हिट’?
निशानेबाजी में ‘फ्रेम हिट’ तब माना जाता है, जब गोली टारगेट के अंक वाले हिस्से में लगने के बजाय उसकी बाहरी चौखट पर लगती है। इलेक्ट्रॉनिक टारगेट में सेंसर यह पता लगाने में मदद करते हैं कि गोली अंक वाले हिस्से से गुजरी है या नहीं। अगर गोली बाहरी फ्रेम पर लगती है, तो उसे अंक वाला निशाना नहीं माना जाता और शून्य अंक मिलते हैं।
भारत और पदक के बीच इस बार अंतर बहुत कम रहा। भारतीय टीम को 1727 अंक मिले, जबकि कांस्य पदक जीतने वाली चीनी ताइपे की टीम के 1734 अंक थे। राही के उस निशाने पर अंक मिलते तो मुकाबले का समीकरण बदल सकता था। लेकिन अपील के बाद भी फैसला नहीं बदला और भारतीय टीम पदक से चूक गई। निशानेबाजी जैसे खेल में जहां हर एक निशाना मायने रखता है, वहां राही का यह एक निशाना भारतीय टीम के लिए बेहद भारी साबित हुआ। अच्छी कोशिश के बावजूद टीम के हाथ से पदक निकल गया।


