पुणे : पुणे के गणेशखिंड रोड पर इन दिनों यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। शिवाजीनगर से औंध तक मेट्रो निर्माण कार्य, सड़क किनारे अतिक्रमण और जगह-जगह बने गड्ढों के कारण सुबह से देर रात तक वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं। रोजाना दफ्तर जाने वाले कर्मचारी, कॉलेज के विद्यार्थी और मरीजों को लेकर जा रही एम्बुलेंस तक इस जाम में फंसने को मजबूर हैं।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार सुबह के समय कृषी महाविद्यालय फ्लाईओवर से सिमला ऑफिस चौक की ओर भारी वाहतूक कोंडी होती है, जबकि शाम को सिमला ऑफिस चौक से लेकर विद्यापीठ चौक और औंध के ब्रेमेन चौक तक वाहन रेंगते हुए नजर आते हैं। खासतौर पर सुबह 9 से 11 बजे और शाम 5 बजे के बाद स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। कई वाहनचालकों का कहना है कि कुछ किलोमीटर का सफर तय करने में आधे घंटे से लेकर एक घंटे तक का समय लग रहा है। लगातार जाम में फंसने से लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है और कामकाज पर भी असर पड़ रहा है।
रहवासियों का कहना है कि समस्या केवल मेट्रो निर्माण कार्य तक सीमित नहीं है। सड़क किनारे हुए अतिक्रमण से रास्ता और संकरा हो गया है। वहीं, कई जगह बने बड़े गड्ढे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ा रहे हैं और वाहनों की रफ्तार धीमी होने से जाम और बढ़ जाता है। नागरिकों ने मांग की है कि महापालिका जल्द से जल्द सभी अतिक्रमण हटाए, अधूरे सड़क कार्य पूरे करे और खतरनाक गड्ढों को तत्काल भरे। साथ ही वाहतूक पुलिस और महापालिका संयुक्त रूप से विशेष ट्रैफिक प्लान लागू करें ताकि शिवाजीनगर-औंध मार्ग पर रोजाना होने वाली कोंडी से लोगों को राहत मिल सके। पुणेकरों का कहना है कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन उनके साथ सुचारु यातायात व्यवस्था बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है, ताकि शहर की रफ्तार थमने न पाए।


