नई दिल्ली : 8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। अब सामने आई जानकारी के मुताबिक, केवल बेसिक सैलरी ही नहीं बल्कि हाउस रेंट अलाउंस (HRA) में भी बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। क्योंकि HRA की गणना सीधे कर्मचारियों की बेसिक सैलरी के आधार पर होती है, ऐसे में वेतन बढ़ने का सीधा फायदा HRA पर भी पड़ेगा। अगर सरकार नया फिटमेंट फैक्टर लागू करती है, तो कर्मचारियों के मासिक वेतन में हजारों रुपये की अतिरिक्त बढ़ोतरी संभव मानी जा रही है।
लेवल-1 कर्मचारी का कैलकुलेशन समझिए
फिलहाल लेवल-1 के कर्मचारी की बेसिक सैलरी 18,000 रुपये है। यदि 2.0 फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो बेसिक सैलरी बढ़कर 36,000 रुपये हो जाएगी। ऐसी स्थिति में मौजूदा 5,400 रुपये HRA बढ़कर लगभग 10,800 रुपये तक पहुंच सकता है। वहीं, यदि 2.57 फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो बेसिक सैलरी 46,260 रुपये हो सकती है। इस स्थिति में HRA करीब 13,880 रुपये तक पहुंचने की संभावना है। यानी केवल HRA में ही करीब दोगुनी से अधिक बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
लेवल-10 कर्मचारियों को भी बड़ा फायदा
इसी तरह लेवल-10 के कर्मचारियों के लिए भी HRA में बड़ा उछाल संभव माना जा रहा है। खासकर X श्रेणी शहरों में तैनात लेवल-10 कर्मचारियों का मासिक HRA लगभग 43,250 रुपये तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
फिलहाल HRA कैसे मिलता है?
केंद्र सरकार शहरों को तीन श्रेणियों में बांटकर HRA देती है :
– X श्रेणी : बेसिक सैलरी का 30%
– Y श्रेणी : बेसिक सैलरी का 20%
– Z श्रेणी : बेसिक सैलरी का 10%
कर्मचारी संगठन क्या मांग कर रहे हैं?
ऑल इंडिया NPS कर्मचारी संघ सहित कई संगठनों का कहना है कि दिल्ली, मुंबई और एनसीआर जैसे महानगरों में किराए में भारी बढ़ोतरी हो चुकी है। मौजूदा HRA वास्तविक खर्च के मुकाबले काफी कम पड़ रहा है।
इसी वजह से संगठनों ने नए HRA ढांचे की मांग की है :
– X श्रेणी : 36%
– Y श्रेणी : 24%
– Z श्रेणी : 12%
कुछ संगठनों ने तो X श्रेणी शहरों के लिए HRA को 40% तक बढ़ाने की मांग भी सरकार के सामने रखी है।
कर्मचारियों के लिए क्यों अहम है यह बदलाव?
महानगरों में मकान किराया लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में यदि 8वें वेतन आयोग के साथ फिटमेंट फैक्टर और HRA दरों में संशोधन होता है, तो कर्मचारियों को हर महीने बड़ी राहत मिल सकती है। खासकर उन कर्मचारियों को, जो दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद और पुणे जैसे महंगे शहरों में नौकरी कर रहे हैं। फिलहाल सरकार ने अंतिम घोषणा नहीं की है, लेकिन 8वें वेतन आयोग को लेकर सामने आ रहे संकेत केंद्रीय कर्मचारियों के लिए उम्मीद बढ़ाने वाले जरूर माने जा रहे हैं।


