पुणे : पिंपरी चिंचवड के मोशी स्थित कचरा डेपो परिसर में हुई दर्दनाक दुर्घटना के बाद बचाव अभियान लगातार जारी है। हादसे को 70 घंटे से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन राहत और बचाव टीमें अभी भी मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए पूरी ताकत से जुटी हुई हैं।
एनडीआरएफ, अग्निशमन दल और महानगरपालिका की टीमें आधुनिक उपकरणों की मदद से बेहद सावधानी के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं। मलबे में फंसे लोगों में से तीन लोगों के जिंदा होने के संकेत मिलने की जानकारी सामने आई है। उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए बचाव दल लगातार प्रयास कर रहा है। यह हादसा मोशी कचरा डेपो परिसर में उस समय हुआ, जब बड़ी मात्रा में जमा कचरे का ढेर गिरने से वहां स्थित वेस्ट-टू-एनर्जी प्रकल्प की प्रशासनिक इमारत का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के समय इमारत में कई कर्मचारी मौजूद थे। बचाव दल ने अब तक कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है, जबकि कुछ लोग अभी भी मलबे के नीचे फंसे होने की जानकारी है।
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मलबे की अस्थिर स्थिति, कचरे के ढेर और जहरीली गैसों की मौजूदगी जैसी चुनौतियों का सामना टीमों को करना पड़ रहा है। इसके बावजूद बचाव कर्मी लगातार काम कर रहे हैं। इस घटना को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जांच के आदेश दिए हैं। जांच में अगर किसी की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मृतक के परिवारों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी की गई है। वहीं, इमारत के निर्माण को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। प्रशासन की ओर से इस मामले की जांच की जा रही है और निर्माण से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जाएगी। फिलहाल सभी की नजरें बचाव अभियान पर टिकी हुई हैं। रेस्क्यू टीमें हर संभव प्रयास कर रही हैं ताकि मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।


