US Iran Conflict : अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर गहरा गया है। पाकिस्तान की मध्यस्थता से हुआ अस्थायी समझौता अब खत्म हो गया है। इसकी घोषणा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने की है। इस बयान के बाद मध्य पूर्व में हालात फिर से तनावपूर्ण हो गए हैं। तुर्किये की राजधानी अंकारा में आयोजित नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि, “मेरे लिए ईरान के साथ अब कोई समझौता नहीं बचा है। उनके साथ बातचीत का कोई मतलब नहीं है।” पाकिस्तान की मध्यस्थता से दोनों देशों के बीच 60 दिनों का अस्थायी समझौता हुआ था, ताकि स्थायी समाधान निकाला जा सके। हालांकि, इस दौरान हुई बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी।
इस बीच, होर्मुज जलडमरूमध्य के पास व्यापारी जहाजों पर हुए हमलों के बाद अमेरिका ने ईरान के कई ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई की। इसके जवाब में ईरान ने बहरीन और कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया। इन घटनाओं के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है। अमेरिका ने ईरान को तेल बेचने की अनुमति देने वाला विशेष लाइसेंस भी रद्द कर दिया है। माना जा रहा है कि इस फैसले से ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ेगा और इसका असर वैश्विक कच्चे तेल के बाजार पर भी पड़ सकता है।
ट्रंप ने ईरान के नेतृत्व पर भी तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अब आगे किसी बातचीत की उम्मीद बेहद कम है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर सभी कूटनीतिक रास्ते पूरी तरह बंद होने की घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में दोनों देशों के रिश्ते किस दिशा में जाएंगे, इस पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।


