Crude Oil Price Hike: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक तेल बाजार पर साफ दिखाई देने लगा है। हाल ही में अमेरिका द्वारा ईरान पर की गई सैन्य कार्रवाई और ईरानी तेल बिक्री से जुड़ी छूट वापस लेने के फैसले के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया है। ब्रेंट क्रूड 75 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है, जबकि WTI क्रूड भी 72 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर कारोबार कर रहा है।
तनाव के बीच ओमान तट के पास कतर से भारत आ रहे एक जहाज पर ड्रोन हमला किए जाने की खबर सामने आई है। जहाज पर मौजूद 29 नाविक सुरक्षित बताए जा रहे हैं। वहीं, सऊदी अरब के एक तेल टैंकर को भी निशाना बनाए जाने की जानकारी मिली है। इन घटनाओं ने ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ा दी है। लगातार हो रहे हमलों के बाद अमेरिका ने ईरानी तेल बिक्री से संबंधित सामान्य लाइसेंस रद्द कर दिया है। इससे पहले दोनों देशों के बीच हुए समझौते के तहत ईरान को सीमित अवधि के लिए तेल बिक्री में राहत दी गई थी, लेकिन हालिया घटनाक्रम के बाद अमेरिका ने अपना रुख सख्त कर लिया। इस फैसले पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
इस पूरे घटनाक्रम का असर भारत पर भी पड़ सकता है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होने से आयात बिल बढ़ सकता है। यदि ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ के जरिए तेल आपूर्ति प्रभावित होती है, तो वैश्विक सप्लाई चेन पर भी असर पड़ सकता है। इसका प्रभाव पेट्रोल-डीजल समेत कई क्षेत्रों पर आने वाले दिनों में देखने को मिल सकता है।


