पुणे: संत ज्ञानेश्वर महाराज की पालखी यात्रा को लेकर पुणे और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में 10 से 15 जुलाई 2026 तक यातायात व्यवस्था में बड़े बदलाव किए गए हैं। हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं की भागीदारी को देखते हुए जिला प्रशासन ने व्यापक ट्रैफिक प्लान लागू किया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि इस अवधि में अनावश्यक यात्रा से बचें और वैकल्पिक मार्गों का ही उपयोग करें।
जिलाधिकारी एवं जिला दंडाधिकारी जितेंद्र डूडी ने मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत प्राप्त अधिकारों का उपयोग करते हुए पालखी मार्ग पर विशेष यातायात व्यवस्था लागू करने के आदेश जारी किए हैं। इस दौरान संत ज्ञानेश्वर महाराज की पालखी 13 जुलाई को जेजुरी, 14 जुलाई को वाल्हा और 15 जुलाई को नीरा में रात्रि विश्राम करेगी। प्रशासन के अनुसार, हर साल की तरह इस बार भी लगभग 7 से 8 लाख श्रद्धालु पुणे–पंढरपुर राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 965 से पैदल यात्रा करेंगे। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यात्रा को सुचारु बनाए रखने के लिए जेजुरी, मोरगांव, पारगांव, नीरा, सुपा, सासवड और लोणंद जैसे प्रमुख स्थानों पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। इन मार्गों से गुजरने वाले वाहनों को पहले से तय वैकल्पिक रास्तों की ओर मोड़ा जाएगा। बारामती, सातारा, फलटण, लोणंद और पुणे के बीच चलने वाले वाहनों के लिए भी अलग-अलग डायवर्जन प्लान तैयार किया गया है। इस अवधि में केवल पालखी से जुड़े वाहन और अधिकृत वाहनों को ही मूल मार्ग से गुजरने की अनुमति होगी।
यातायात व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के लिए बेलसर फाटा, मोरगांव चौक, पारगांव मेमाणे चौक, छत्रपति शिवाजी चौक (नीरा), जेऊर फाटा बायपास और भोरवाडी फाटा जैसे प्रमुख स्थानों पर विशेष पुलिस बंदोबस्त और ट्रैफिक नियंत्रण की व्यवस्था की गई है। वहीं, सासवड और सुपा पुलिस थाना क्षेत्र से गुजरने वाले वाहनों को भी वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करना होगा। जिला प्रशासन ने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि पालखी यात्रा के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, यात्रा से पहले ट्रैफिक एडवाइजरी की जानकारी लें और पुलिस द्वारा बताए गए वैकल्पिक मार्गों का पालन करें, ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित और सुचारु रूप से संपन्न हो सके।


