नागपुर : महावितरण प्रशासन की कथित उदासीनता, लंबित बजट, तकनीकी समस्याओं और अन्य मांगों को लेकर पंजीकृत इलेक्ट्रिकल कॉन्ट्रैक्टर्स ने अनिश्चितकालीन कामबंद आंदोलन शुरू कर दिया है। इलेक्ट्रिकल कॉन्ट्रैक्टर्स एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर निर्णय नहीं लिया जाता और आवश्यक बजट उपलब्ध नहीं कराया जाता, तब तक सभी कार्य पूरी तरह बंद रहेंगे।
एसोसिएशन के अनुसार, 1 जुलाई 2026 से यह कामबंद आंदोलन शुरू किया गया है। संगठन का कहना है कि वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के लिए आवश्यक बजट अब तक स्वीकृत नहीं किया गया है। इसके अलावा महावितरण के नए पोर्टल में बार-बार आने वाली तकनीकी समस्याओं के कारण कामकाज प्रभावित हो रहा है। पोर्टल पर लॉगिन, दस्तावेज अपलोड करने और बिल प्रक्रिया में आ रही दिक्कतों से ठेकेदारों को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एसोसिएशन ने बढ़ती सामग्री, मजदूरी, परिवहन और अन्य खर्चों को देखते हुए कार्यों की दरों में तत्काल संशोधन करने की भी मांग की है। संगठन का कहना है कि वर्तमान दरें वास्तविक खर्च की तुलना में काफी कम हैं, जिससे छोटे ठेकेदारों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
7 जुलाई 2026 को महावितरण प्रशासन को सौंपे गए निवेदन में एसोसिएशन ने कई अन्य महत्वपूर्ण मांगें भी रखी हैं। इनमें ब्रेकडाउन, प्रिवेंटिव एचटी/एलटी और डीटीसी मेंटेनेंस कार्यों में लागू राउंड रॉबिन प्रणाली को तत्काल बंद करने, अप्रैल 2024 से मार्च 2026 तक के सभी लंबित बजट और परचेज ऑर्डर (पीओ) जारी करने तथा ऑडिट पूरा होने के 30 दिनों के भीतर संबंधित ठेकेदारों के खातों में बिलों का भुगतान करने की मांग शामिल है।
इसके अलावा टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद ठेकेदारों की सहमति के बिना दरों में किए गए बदलाव रद्द करने और महावितरण के कॉस्ट डेटा को मौजूदा बाजार दरों के अनुसार संशोधित करने की मांग भी की गई है। एसोसिएशन ने मेंटेनेंस कार्यों के बिलों की रिक्वायरमेंट प्रत्येक 15 दिन में भेजने तथा बिल जमा होने के सात दिनों के भीतर प्रक्रिया पूरी करने के लिए स्पष्ट एसओपी लागू करने की भी मांग उठाई है।
निवेदन में नए टेंडरों में छोटे ठेकेदारों को समान अवसर देने की मांग की गई है। साथ ही 1.3 डीडीएफ योजना और अन्य कार्यों को कुछ स्थानों पर अधिकारियों, लाइन स्टाफ या आउटसोर्स कर्मचारियों से नियमों के विपरीत कराए जाने की शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा सभी कार्य केवल पंजीकृत और लाइसेंसधारी ठेकेदारों के माध्यम से पारदर्शी तरीके से कराने की मांग की गई है। एसोसिएशन का कहना है कि जब तक उनकी सभी प्रमुख मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता और लंबित बजट उपलब्ध नहीं कराया जाता, तब तक उनका अनिश्चितकालीन कामबंद आंदोलन जारी रहेगा।


