मुंबई: मराठी सिनेमा के चर्चित निर्देशक नागराज मंजुळे अपनी फिल्मों के साथ-साथ निजी जिंदगी को लेकर भी सुर्खियों में रह चुके हैं। उनकी पहली पत्नी सुनीता मंजुळे ने कुछ समय पहले एक इंटरव्यू में अपने वैवाहिक जीवन से जुड़े कई गंभीर आरोप लगाए थे, जिनकी उस समय काफी चर्चा हुई थी।
सुनीता के मुताबिक, उनकी शादी 17 मई 1997 को हुई थी। उस समय नागराज मंजुळे पढ़ाई कर रहे थे और फिल्मी दुनिया में अपनी पहचान बनाने के लिए संघर्ष कर रहे थे। उन्होंने दावा किया था कि उस दौरान घर और परिवार की पूरी जिम्मेदारी उन्होंने संभाली, लेकिन समय के साथ दोनों के रिश्तों में दूरियां बढ़ती चली गईं।
सुनीता का आरोप था कि सफलता मिलने के बाद नागराज का व्यवहार बदल गया। उनका कहना था कि कम पढ़ी-लिखी होने की वजह से नागराज उन्हें अपने साथ सार्वजनिक कार्यक्रमों में ले जाना पसंद नहीं करते थे। उन्हें ऐसा महसूस कराया जाता था कि उनकी भूमिका केवल घर और परिवार तक ही सीमित है। इंटरव्यू में सुनीता ने यह भी दावा किया था कि उन्हें मां बनने नहीं दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया था कि विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की जाती थी। उनके मुताबिक, उन्हें चमड़े की बेल्ट और लकड़ी से पीटा जाता था। इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी दावा किया था कि फिल्म ‘फैंड्री’ को राष्ट्रीय पुरस्कार मिलने के बाद जब नागराज और परिवार के अन्य सदस्य दिल्ली गए, तब उन्हें घर में ही छोड़ दिया गया था। बाद में दोनों का तलाक हो गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आपसी समझौते के तहत सुनीता मंजुळे को सात लाख रुपये दिए गए थे। वर्तमान में वह अपने माता-पिता की देखभाल के साथ घरों में काम करके अपना गुजारा करती हैं।


