कात्रज (पुणे) : महाराष्ट्र के आंशिक अनुदानित और अनुदानित स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों और उनके अभिभावकों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। राज्य में लंबित मांगों को लेकर शिक्षक समन्वय संघ ने 7 और 8 जुलाई को दो दिवसीय राज्यव्यापी स्कूल बंद आंदोलन का ऐलान किया है। इस दौरान आंशिक अनुदानित और अनुदानित स्कूलों के शिक्षक तथा शिक्षकेत्तर कर्मचारी आंदोलन में शामिल होंगे।
शिक्षक समन्वय संघ का कहना है कि अनुदान समेत विभिन्न लंबित मांगों को लेकर लंबे समय से सरकार के समक्ष लगातार आग्रह किया जा रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। इसी के विरोध में राज्यभर में दो दिनों तक स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया गया है। आंदोलन के तहत राज्य के सभी जिलों से शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों से मुंबई के आज़ाद मैदान में बड़ी संख्या में पहुंचने की अपील की गई है। संघ का कहना है कि इस आंदोलन का उद्देश्य सरकार का ध्यान वर्षों से लंबित मांगों की ओर आकर्षित करना और उनका शीघ्र समाधान सुनिश्चित करना है।
संघ के अनुसार, वर्षों से विद्यार्थियों के भविष्य के लिए ईमानदारी से कार्य करने के बावजूद शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को आर्थिक और प्रशासनिक स्तर पर अपेक्षित न्याय नहीं मिल पाया है। इसलिए अब राज्यव्यापी आंदोलन का रास्ता अपनाया गया है।शिक्षक समन्वय संघ ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि लंबित मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आने वाले समय में आंदोलन को और व्यापक तथा तेज किया जाएगा।
हालांकि, यह आंदोलन केवल आंशिक अनुदानित और अनुदानित स्कूलों के लिए घोषित किया गया है। अन्य सरकारी, निजी या अलग प्रबंधन वाली स्कूलों की स्थिति संबंधित संस्थाओं के निर्णय पर निर्भर करेगी।


