उत्तर प्रदेश के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए जुलाई का महीना राहत लेकर आया है। अगर आपने नए बिजली कनेक्शन के दौरान स्मार्ट मीटर लगवाने के लिए तय कीमत से ज्यादा पैसे चुकाए थे, तो अब वह राशि वापस मिलने वाली है। यह रिफंड सीधे जुलाई 2026 के बिजली बिल में समायोजित किया जाएगा, जिससे उपभोक्ताओं का बिल कम हो जाएगा।
दरअसल, उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के आदेश के बाद उन उपभोक्ताओं को राहत दी जा रही है, जिनसे स्मार्ट मीटर के नाम पर तय दर से अधिक राशि वसूली गई थी। इसके अलावा, बिजली खरीद और ईंधन लागत में हुई बचत का फायदा भी उपभोक्ताओं को मिलेगा। इसी वजह से राज्यभर में बिजली बिल में 4.43 प्रतिशत तक की कमी की जाएगी।
किन उपभोक्ताओं को मिलेगा फायदा?
यह राहत उन लोगों को मिलेगी, जिन्होंने 10 सितंबर 2025 से 6 मार्च 2026 के बीच नया बिजली कनेक्शन लिया था। इस अवधि में स्मार्ट मीटर की कीमत आधिकारिक रूप से तय नहीं हुई थी, लेकिन उपभोक्ताओं से अधिक राशि वसूल ली गई थी। बाद में शिकायत मिलने पर नियामक आयोग ने अतिरिक्त वसूली गई रकम लौटाने का फैसला लिया।
कितनी राशि होगी वापस?
आयोग द्वारा नए रेट तय किए जाने के बाद अब उपभोक्ताओं को अतिरिक्त भुगतान की गई राशि लौटाई जाएगी। सिंगल फेज स्मार्ट मीटर के लिए पहले 6,016 रुपये लिए गए थे, जबकि नई तय कीमत 2,800 रुपये है। ऐसे में उपभोक्ताओं को 3,216 रुपये का रिफंड मिलेगा। थ्री-फेज स्मार्ट मीटर के लिए पहले 11,341 रुपये वसूले गए थे। अब इसकी कीमत 4,100 रुपये तय की गई है। ऐसे उपभोक्ताओं को 7,241 रुपये वापस मिलेंगे।
जुलाई के बिल में मिलेगा सीधा फायदा
सरकार के इस फैसले से राज्य के लाखों उपभोक्ताओं को कुल 150 से 200 करोड़ रुपये का रिफंड मिलने का अनुमान है। वहीं, बिजली बिल में 4.43 प्रतिशत की कटौती से उपभोक्ताओं को 358.31 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राहत मिलेगी। ऐसे में जुलाई 2026 का बिजली बिल उत्तर प्रदेश के लाखों उपभोक्ताओं के लिए पहले की तुलना में काफी कम आ सकता है। स्मार्ट मीटर रिफंड और बिजली दरों में कमी, दोनों का फायदा एक साथ मिलने से लोगों को बड़ा आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।


