पुणे: पुणे के बहुचर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस ने अदालत को बताया कि लोहगढ़ किले से केतन को आखिर किसने धक्का दिया, इसका कोई पुख्ता सबूत फिलहाल उपलब्ध नहीं है। इसी वजह से मुख्य आरोपी सिया गोयल की पॉलीग्राफ (लाइ डिटेक्टर) टेस्ट कराने की अनुमति अदालत से मांगी गई है।
पुलिस ने अदालत में कहा कि सिया गोयल और चेतन चौधरी के बयान दर्ज किए जा चुके हैं, लेकिन जांच को आगे बढ़ाने के लिए पॉलीग्राफ टेस्ट जरूरी है। पुलिस का मानना है कि इस जांच से मामले में नई जानकारी सामने आ सकती है। हालांकि, ऐसे टेस्ट के नतीजों को अदालत में ठोस साक्ष्य के रूप में स्वीकार नहीं किया जाता। जांच में यह भी सामने आया है कि सिया गोयल सगाई तोड़कर बदनामी नहीं चाहती थी। इसी वजह से उसने केतन अग्रवाल की हत्या कर इसे हादसा दिखाने की साजिश रची। पुलिस के अनुसार, मुख्य योजना विफल होने की स्थिति में उसने ‘प्लान बी’ और ‘प्लान सी’ भी तैयार रखे थे, जिसमें उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने उसका साथ दिया।
पुलिस जांच के मुताबिक, बाली ट्रिप के लिए मुंबई एयरपोर्ट जाते समय एक मॉल में सिया ने केतन का पासपोर्ट चुरा लिया था। बाद में उसने उसे फाड़कर जला दिया। एयरपोर्ट पर पासपोर्ट नहीं मिलने के कारण परिवार की पूरी बाली यात्रा रद्द करनी पड़ी। पुलिस ने अदालत को यह भी बताया कि केतन का मोबाइल कुछ समय तक सिया गोयल के पास था। बाद में उसने वह फोन अग्रवाल परिवार को सौंप दिया। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि फोन उसके पास रहने के दौरान उसमें मौजूद किसी सबूत को डिलीट या नष्ट तो नहीं किया गया।
घटनाक्रम की पुनर्रचना के लिए पुलिस ने चेतन चौधरी को लोहगढ़ किले पर ले जाकर केतन की ऊंचाई और वजन के बराबर फाइबर की एक डमी करीब 300 फीट गहरी खाई में फेंककर प्रयोग किया। बता दें कि पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की 18 जून को लोहगढ़ किले से खाई में धक्का देकर हत्या किए जाने का आरोप है। केतन की सगाई सिया गोयल से हुई थी और नवंबर में दोनों की शादी होने वाली थी। इस मामले में पुलिस ने सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी को गिरफ्तार किया है।


