नागपुर : राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से छात्रों के लिए एक नया एकीकृत शैक्षणिक कार्यक्रम शुरू करने का निर्णय लिया है। अब एम.एससी. जूलॉजी (प्राणीशास्त्र) में प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राएं एक साथ एक वर्षीय सेरिकल्चर (रेशम पालन) डिप्लोमा पाठ्यक्रम भी कर सकेंगे। विश्वविद्यालय ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
विश्वविद्यालय के अनुसार, एम.एससी. जूलॉजी भाग-1 (सेमेस्टर-1 और 2) में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थी इस एकीकृत कार्यक्रम का हिस्सा बन सकेंगे। इसका उद्देश्य छात्रों को सेरिकल्चर और जैविक विज्ञान से जुड़े क्षेत्रों में विशेष ज्ञान, व्यावहारिक प्रशिक्षण और रोजगारोन्मुख कौशल उपलब्ध कराना है। सेरिकल्चर डिप्लोमा का संचालन विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर सेरिकल्चर एंड बायोरिसोर्स मैनेजमेंट रिसर्च (CSBR) के माध्यम से किया जाएगा। इस पाठ्यक्रम में रेशम के कीड़ों का पालन, रेशम उत्पादन, सेरिकल्चर तकनीक और बायोरिसोर्स मैनेजमेंट से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी।
विश्वविद्यालय का कहना है कि यह कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति के बहुविषयक शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार क्षमता बढ़ाने के उद्देश्यों के अनुरूप तैयार किया गया है। इससे छात्रों को पढ़ाई की अवधि बढ़ाए बिना एक साथ स्नातकोत्तर डिग्री और व्यावसायिक डिप्लोमा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।विश्वविद्यालय के अनुसार, इस पहल से शोध, उद्यमिता और सेरिकल्चर क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा तथा कौशल आधारित शिक्षा को भी बढ़ावा मिलेगा।


