नागपुर : शहर में स्मार्ट मीटर योजना के विरोध में गुरुवार को बड़ा आंदोलन देखने को मिला। स्मार्ट मीटर विरोधी संघर्ष समिति के नेतृत्व में हजारों की संख्या में लोगों ने विशाल मोर्चा निकालकर सरकार और महावितरण के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने स्मार्ट मीटर योजना को तत्काल रोकने और उपभोक्ताओं की सहमति के बिना मीटर न लगाए जाने की मांग उठाई।
प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारियों ने बढ़ते बिजली बिलों और बिलिंग में पारदर्शिता की कमी को लेकर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि स्मार्ट मीटर योजना लागू होने से आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ सकता है, जिससे जनता पर सीधा असर पड़ेगा। इस आंदोलन में समिति के संयोजक मोहन शर्मा के नेतृत्व में प्रदर्शन किया गया। इसमें कांग्रेस नेता प्रफुल्ल गुडधे, अतुल लोंढे सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के पदाधिकारी,कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से कई प्रमुख मांगें रखीं, जिनमें बिना उपभोक्ता की सहमति स्मार्ट मीटर न लगाने, बढ़ते बिजली बिलों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, शिकायत निवारण व्यवस्था को मजबूत करने और उपभोक्ताओं के हित में निर्णय लेने की मांग शामिल है।
मोर्चा समाप्त होने के बाद प्रतिनिधिमंडल ने महावितरण के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान समिति ने दावा किया कि मुख्य अभियंता ने आश्वासन दिया है कि किसी भी उपभोक्ता के घर में उसकी सहमति के बिना जबरन स्मार्ट मीटर नहीं लगाया जाएगा। इस पूरे घटनाक्रम के बाद शहर में स्मार्ट मीटर योजना को लेकर बहस और तेज हो गई है।


