मराठवाड़ा में मानसून कमजोर; जून के अंत तक सिर्फ 60.9% बारिश, किसानों की चिंता बढ़ी

छत्रपति संभाजीनगर : मराठवाड़ा में मानसून की एंट्री तो हो चुकी है, लेकिन बारिश अभी भी रफ्तार नहीं पकड़ पाई है। छत्रपति संभाजीनगर विभाग के आठों जिलों में जून महीने के अंत तक औसतन केवल 60.9 प्रतिशत बारिश दर्ज की गई है। जहां इस महीने की सामान्य बारिश 116.1 मिमी मानी जाती है, वहीं अब तक सिर्फ 70.7 मिमी बारिश ही रिकॉर्ड की गई है। पिछले साल इसी अवधि में 96 मिमी बारिश दर्ज हुई थी, जो इस बार की तुलना में काफी अधिक थी।
जिलावार आंकड़ों पर नजर डालें तो धाराशिव में सबसे ज्यादा 94.8 मिमी (86.2%) बारिश हुई है। इसके बाद बीड में 80.7 मिमी (72.5%) बारिश दर्ज की गई। वहीं लातूर में सबसे कम 59.8 मिमी (51%), परभणी में 61.9 मिमी (49.2%), नांदेड में 71 मिमी (52.7%), हिंगोली में 76.2 मिमी (52%), छत्रपति संभाजीनगर में 63.1 मिमी (58.2%) और जालना में 66.9 मिमी (58.2%) बारिश दर्ज की गई है।
बारिश की कमी के कारण कई इलाकों में किसानों की मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। खरीफ फसलों की बुआई, अंकुरण और आगे की खेती को लेकर चिंता साफ दिखाई दे रही है। अगर आने वाले दिनों में अच्छी बारिश नहीं होती है, तो फसलों के साथ-साथ पीने के पानी की उपलब्धता पर भी असर पड़ सकता है।जून का महीना खत्म होने को है, लेकिन मराठवाड़ा में मानसून अभी भी उम्मीद के मुताबिक सक्रिय नहीं हुआ है। पूरे क्षेत्र में सामान्य से कम बारिश दर्ज होने के कारण अब किसानों की निगाहें आसमान की ओर टिकी हुई हैं।

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